विधायक नरेंद्र सिंह कुशवाहा के आश्वासन पर पार्षदों का दस दिवसीय धरना स्थगित
भिण्ड ब्यूरो – नगर पालिका परिषद भिण्ड में स्थायी मुख्य नगर पालिका अधिकारी (CMO) की नियुक्ति की मांग को लेकर पार्षदों द्वारा पिछले 10 दिनों से लगातार धरना प्रदर्शन किया जा रहा था। आज भिण्ड सदर विधायक श्री नरेंद्र सिंह कुशवाहा नगर पालिका पहुंचकर धरना स्थल पर पहुंचे और पार्षदों से चर्चा की। विधायक श्री कुशवाहा ने पार्षदों से धरना स्थगित करने का अनुरोध करते हुए आश्वासन दिया कि 15 दिवस के भीतर नगर पालिका भिण्ड में स्थायी CMO की पदस्थापना कराने की दिशा में आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि इस संबंध में उनकी मुख्यमंत्री जी एवं संबंधित मंत्री जी से चर्चा हो चुकी है तथा उन्होंने पार्षदों की मांग को गंभीरता से रखते हुए शीघ्र समाधान का आश्वासन दिया है। विधायक के आश्वासन के बाद पार्षदों ने जनहित एवं नगर पालिका के सुचारु संचालन को ध्यान में रखते हुए अपना धरना 15 दिवस के लिए स्थगित करने का निर्णय लिया। पार्षदों ने स्पष्ट किया कि यह धरना समाप्त नहीं किया गया है, बल्कि विधायक द्वारा दिए गए आश्वासन के सम्मान में स्थगित किया गया है। यदि निर्धारित अवधि में स्थायी CMO की पदस्थापना नहीं होती है तो पार्षद आगे की आंदोलनात्मक रणनीति तय करेंगे। पार्षदों का कहना है कि नगर पालिका में स्थायी CMO की नियुक्ति होने से शहर के विकास कार्यों, प्रशासनिक व्यवस्था और आमजन से जुड़े कार्यों में तेजी आएगी। पार्षदों ने विधायक श्री नरेंद्र सिंह कुशवाहा से अपने आश्वासन को पूरा कराने की अपेक्षा व्यक्त की।
धरना स्थल पर अध्यक्ष प्रतिनिधि श्री अशोक वाल्मीकि, श्री सुनील वाल्मीकि, पार्षद श्री दीपक शर्मा, पार्षद प्रतिनिधि श्री मनीष पुरोहित, पार्षद श्री रामहेत जी, श्री बड़े कुशवाहा जी, पार्षद श्री जाहिद खान, पार्षद श्री सुखदेव, श्री हलीमुद्दीन, श्री संजीव कुशवाहा, श्री वीरेंद्र कौशल, श्री जल्लू तोमर, श्री विमल जैन, श्री मनोज अर्गल, श्री राहुल गोस्वामी, श्री छोटे नरवरिया सहित अन्य पार्षदगण एवं साथी उपस्थित रहे। पार्षदगणों ने कहा—15 दिवस का यह आश्वासन अब नगर पालिका भिण्ड को स्थायी CMO मिलने की दिशा में निर्णायक कदम होना चाहिए। पार्षद दीपक शर्मा ने कहा कि आवश्यकता पड़ने पर आंदोलन को और व्यापक करते हुए नगर पालिका में तालाबंदी का कदम भी उठाया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित प्रशासन की होगी। उन्होंने कहा कि पार्षदों की मांग किसी व्यक्तिगत हित की नहीं, बल्कि नगर पालिका के सुचारु संचालन और भिण्ड शहर के विकास एवं जनहित से जुड़ी हुई है।


