भारत विकास परिषद शाखा भिण्ड ने स्थापना दिवस पर 51 पौधों का रोपण कर दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश
भिण्ड ब्यूरो – भारत विकास परिषद एक सेवा एवं संस्कार-उन्मुख गैरराजनैतिक, सामाजिक-सांस्कृतिक स्वयंसेवी संस्था है जो मानव-जीवन के सभी क्षेत्रों (संस्कृति, समाज, शिक्षा, नीति, अध्यात्म, राष्ट्रप्रेम आदि) में भारत के सर्वांगीण विकास के लिये समर्पित है इसका लक्ष्यवाक्य है – “स्वस्थ, समर्थ, संस्कृत भारत तथा इसकी स्थापना स्वामी विवेकानन्द के जन्मशताब्दी के अवसर पर 12 जनवरी सन् 1963कों भारत के प्रमुख उद्योगपतियों एवं समाज-सुधारकों जैसे- लाला हंस राज, डॉ सूरज प्रकाश आदि द्वारा “नागरिक समिति” (Citizens Council) की स्थापना की गयी थी ताकि चीनी आक्रमण का प्रतिकार किया जा सके। बाद में इसी का नाम “भारत विकास परिषद” (BVP) रखा गया। 10 जुलाई सन् 1963 को सोसायटीज पंजीकरण अधिनियम, 1860 के अन्तर्गत इसका पंजीकरण हुआ। इस प्रकार यह परिषद स्वामी विवेकानन्द के आदर्शों एवं शिक्षाओं पर चलती है। भारत विकास परिषद् संपर्क, सहयोग, संस्कार, सेवा, समर्पण एवं प्रकल्पो के द्वारा समाज का सेवा करती है। परिषद द्वारा बच्चों, युवाओं, परिवार, वरिष्ठ नागरिक के लिए विकास कार्यक्रम चलाती है। जिसमे प्रमुख राष्ट्रीय समूह गान प्रतियोगिता, भारत को जानो, गुरुवंदन छात्र अभिनन्दन कार्यक्रम बाल संस्कार शिविर, राष्ट्रीय संस्कृत गीत प्रतियोगिता, युवा संस्कार शिविर, परिवार संस्कार शिविर, सेवा कार्य आदि।
भारत विकास परिषद के 64वे स्थापना दिवस के अवसर पर भारत विकास परिषद्, शाखा भिंड द्वारा पिथनपुरा मोड़ स्थित जोशी पाइप फैक्ट्ररी पर संगोष्ठी के साथ 51 पौधों को रोपण किया ओर साथ ही उनके संरक्षण का संकल्प भी किया।
भा.वि.प. के स्थापना दिवस पर आयोजित संगोष्ठी में मुख्य अतिथि के रूप में समाजसेवी प्रो. इकबाल अली, विशिष्ट अतिथि डिप्टी रेंजर उदय सिंह भदौरिया, भारत विकास परिषद के प्रांतीय पर्यावरण गतिविधि प्रमुख डॉ हिमांशु बंसल उपस्थित रहे। प्रारंभ में अतिथियों द्वारा मां भारती एवं विवेकानंद जी के छायाचित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रचलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। प्रारंभ में नगर समन्वयक डॉ साकार तिवारी ने परिषद की स्थापना दिवस की जानकारी के साथ स्वागत भाषण पड़ा। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रसिद्ध पर्यावरणविद् प्रो. इकबाल अली ने अपने उद्बोधन में कहा कि वर्तमान समय में पर्यावरण संरक्षण प्रत्येक नागरिक की नैतिक जिम्मेदारी है। वृक्ष मानव जीवन का आधार हैं। उन्होंने सभी से अधिक से अधिक पौधे लगाने एवं उनका संरक्षण करने का आह्वान करते हुए हुए कहा पेड़ हमारे जीवन अमूल कड़ी है, जलवायु परिवर्तन के दौर में पर्यावरण संतुलन के लिए वृक्षारोपण एक अच्छी पहल है लेकिन जब हम वृक्ष लगाए तो उसके संरक्षण का संकल्प भी ले। जब नन्नां पौधा बड़े वृक्ष का आकार न ले ले, तब तक हमें उसकी देखभाल करनी चाहिए। तभी हमारा पौधा लगाने की सार्थकता होगी।

कार्यक्रम का संचालन शाखा सचिव राजमणी शर्मा ने किया तथा अंत में शाखा कोषाध्यक्ष श्रीमती रेखा भदौरिया ने सभी अतिथियों, सदस्यों एवं उपस्थित नागरिकों का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में परिषद के पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए 51 फलदार एवं छायादार पौधों का रोपण किया और उनके संरक्षण का संकल्प लिया। उपस्थित सभी लोगों ने पर्यावरण संरक्षण को जन-आंदोलन बनाने का संदेश दिया।
कार्यक्रम में प्रमुख रूप से डिप्टी रेंजर उदय भदौरिया, कमलेश सैंथिया, दशरथ जोशी, चौ. रामबाबू शर्मा, सुरेश बरुआ, वीरेंद्र जोशी, के. के. गुप्ता, गुड्डू बसैडिया, गंगाधर थापक, अशोक शर्मा, कौशल किशोर शर्मा,सतीश जोशी, श्रीमती रश्मी खटीक, श्रीमती रेखा शुक्ला, श्रीमती साधना त्रिपाठी, श्रीमती रिश्मा भदौरिया, मोहित दीक्षित, अश्विनी दंडौतिया, शिवमोहन जोशी, कौशल शर्मा, रविंद्र देपुरिया, संतोष पुरोहित सहित बड़ी संख्या में सदस्य उपस्थित रहे।


