– सार्वजनिक सड़क सुरक्षा एवं कानून व्यवस्था को दृष्टिगत रखते हुए लोकहित में दिया आदेश
भिण्ड, 21 जून। कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट भिण्ड किरोड़ी लाल मीणा ने मोटरयान अधिनियम 1988 की धारा 115, 116, 119 के अंतर्गत सार्वजनिक सड़क सुरक्षा एवं कानून व्यवस्था को दृष्टिगत रखते हुए लोकहित में भिण्ड जिला के सीमांतर्गत आदेशित किया है कि राष्ट्रीय राजमार्ग 719 चंबल नदी पर निर्मित सेतु से भारी वाहनों (दो, तीन, चार पहिया वाहनों को छोड़कर शेष समस्त वाहन) का आवागमन पूर्णत: प्रतिबंधित (नो एण्ट्री) रहेगा तथा भारी वाहनों के प्रवेश को रोके जाने हेतु स्थाई बैरियर लगवाए जाएं।
संभागीय प्रबंधक मवप्रव सड़क विकास निगम प्रतिबंधित अवधि में भिण्ड होते हुए उच्च स्तरीय सेतु से उप्र राज्य की ओर जाने वाले वाहनों के लिए वैकल्पिक मार्ग हेतु आवश्यक यातायात चिन्ह लगाया जाना सुनिश्चित करें। कलेक्टर ने बताया कि ग्वालियर-भिण्ड-मप्र-उप्र सीमा तक राष्ट्रीय राजमार्ग 719 पर चंबल नदी पर निर्मित उच्च स्तरीय सेतु जो मप्र राज्य एवं उप्र राज्य को आपस में जोड़ता है। यह सेतु अधीशासी अभियंता, राष्ट्रीय राजमार्ग खण्ड, लोक निर्माण विभाग ईटावा के कार्यक्षेत्र अंतर्गत स्थित है। मप्र सड़क विकास निगम ने सेतु का विस्तृत तकनीकी परीक्षण, आंकलन सक्षम सेतु विशेषज्ञ टीम से कराए जाने, आवश्यक संधारण/ मरम्मत कार्य पूर्ण होने तथा आवश्यक लोड टेस्ट तकनीकी अनुशंसा प्राप्त होने तक भारी वाहनों का उक्त सेतु से आवागमन निरुद्ध किए जाने हेतु प्रतिवेदन प्रेषित किया है। प्रस्तुत प्रतिवेदन अनुसार बड़े, भारी वाहनों (दो, तीन, चार पहिया वाहनों को छोड़कर) को रोका जाना आवश्यक है। उक्त आदेश 20 जून से 4 जुलाई तक प्रभावशील होगा। आदेश का उल्लंघन मोटरयान अधिनियम 1988 की धारा 177 एवं अन्य दण्डात्मक प्रावधानों के अंतर्गत दण्डनीय होगा।


