– ओम शिवम कंस्ट्रक्शन कंपनी पर गुणवत्ताविहीन सड़क बनाने का आरोप, लोकायुक्त ने शुरू की जांच
भिण्ड, 15 जून। भिण्ड नगर पालिका क्षेत्र के वार्ड क्र.15 में सड़क निर्माण में हुए लाखों के भ्रष्टाचार का मामला लोकायुक्त में पहुंचा है। ग्वालियर लोकायुक्त में हुई घटिया निर्माण की शिकायत को सत्यापन के बाद भोपाल मुख्यालय भेज दिया गया है। इस मामले को लोकायुक्त ने संज्ञान में लेकर इस सड़क निर्माण से जुड़ी जानकारी पत्र के माध्यम से भिण्ड नगर पालिका से मांगी है।
ज्ञात हो भिण्ड नगर पालिका क्षेत्र के वार्ड क्र.15 में 10 लाख की लागत से गायत्री मंदिर के बगल में टावर वाली गली व अन्य आसपास की गलियों में विगत माह सीसी रोड़ का निर्माण कराया गया था, जो कि बहुत ही घटिया किस्म का हुआ। लाखों की लागत से बनाई गई इन गलियों का निर्माण ओम शिवम कंस्ट्रक्शन कंपनी ने टेंडर लेकर किया, लेकिन इस फर्म ने सीसी रोड़ निर्माण से पूर्व बनी हुई सड़क को खोदे बिना ही उसी पर 2 से 3 इंच की सीसी डालकर निर्माण कर दिया, जो कि नियम विरुद्ध है। इस निर्माण के अनुबंध में पूर्व से बनी सड़क को खोदकर उस पर 6 इंच मोटी सीसी रोड़ बनाने की शर्त थी, लेकिन ठेकेदार ने भ्रष्टाचार करने के लिए पूर्व से बनी सड़क को खोदे बिना सिर्फ 2 से 3 इंच की सीसी लेयर डाल सड़क बना डाली। ठेकेदार ने सड़क बनाने से पूर्व ईंट व रोरे का मालवा बिछाकर उस पर सीसी सड़क का निर्माण किया। ठेकेदार ने अपनी सहूलियत के लिए एक गली का स्थल परिवर्तन कर पार्षद वाली गली भी नियम विरुद्ध बना दी, जो कि टेंडर में शामिल नहीं थी। इस निर्माण के लिए स्वीकृत 10 से 12 लाख की राशि से जहां गुणवत्तापूर्ण सड़क का निर्माण होना चाहिए था, वहां ठेकेदार ने अपनी कमाई के लिए मुस्किल से एक लाख रुपए में ही घटिया निर्माण कर डाला और बांकी का पैसा डकारने के लिए नगर पालिका में 10 से 12 लाख के बिल लगा दिए। जो कि सीधा सीधा भ्रष्टाचार है। इस मामले में लोकायुक्त के दखल के बाद ठेकेदार के भुगतान की फाइल अटक गई है और जांच आगे बढ़ने के बाद गड़बड़ी मिली तो ठेकेदार पर जुर्माने के साथ ही फर्म को ब्लैकलिस्ट करने तक की कार्रवाई हो सकती है।
इनका कहना है:
”इस मामले की शिकायत प्राप्त हुई, शिकायत को सत्यापन के बाद मुख्यालय भेज दिया गया है।”
प्रद्युम्न परासर, डीएसपी लोकायुक्त ग्वालियर


