भिण्ड, 27 मई। लहार तहसील के टिमावली गांव में स्थित प्राचीन हनुमान मन्दिर पर आयोजित की जा रही सात दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा की मंगलवार की दोपहर भव्य कलश यात्रा निकाली गई।
कलश यात्रा गांगेपुरा के नृसिंह मन्दिर से प्रारंभ होकर तीन किमी दूर सोनभद्रिका नदी के तट पर स्थित प्राचीन शिव मन्दिर पहुंची, जहां पूजन-अर्चन के पश्चात पूर्ण विधिविधान के साथ कलशों में जल भरा गया। जल भरने के बाद कलश यात्रा मुख्य मार्ग के रास्ते होती हुई गांव के रास्ते वापिस हनुमान मन्दिर पहुंची, जहां कलश स्थापित किए गए। कलश यात्रा के दौरान आगे-आगे बैंड-बाजे और डीजे पर मनमोहक भजन चल रहे थे। जिसके पीछे बग्घी में सवार होकर भागवताचार्य पं. वेदांश महाराज एवं उसके पीछे पीले वस्त्र धारण किए हुए सैकड़ों महिला-पुरुष सिर पर कलश रखकर चल रहीं थीं। इसके बाद नाचते हुए एवं रामनाम संकीर्तन करते हुए हजारों श्रद्धालु चल रहे थे। इस दौरान जगह-जगह कलश यात्रा के दौरान जगह-जगह नगर वासियों द्वारा महापुराण का पूजन एवं पुष्पवर्षा और जलपान करवाकर कलश यात्रा का स्वागत किया।
भागवत कथा से होती है मोक्ष की प्राप्ति
भागवत कथा के पहले दिन कथावाचक पं. वेदांश महाराज द्वारा भागवत पुराण के महत्व, शुकदेव आगमन, नारद भक्ति प्रसंग और राजा परीक्षित को शाप मिलने की कथा का वर्णन किया। उन्होंने कहा कि इस कथा का मुख्य उद्देश्य मानव जीवन को सत्य और मोक्ष का मार्ग दिखाना है। इस कथा के सुनने से मानव को मोक्ष की प्राप्ति होती है। भागवत कथा के परीक्षत कामता प्रसाद शर्मा बने हैं।
Monday, September 28
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