भिण्ड, 10 मई। आलमपुर के नजदीक कई गांवों में बने मुक्तिधामों के चबूतरे एवं टीनशेड क्षतिग्रस्त हो चुके हैं। जिससे ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को दाह संस्कार करने में परेशानी होती है। इसके अलावा कई गांवों में मुक्तिधाम पर जाने के लिए रास्ता भी ठीक नहीं है। इस कारण बरसात के दिनों में ग्रामीणों को घुटनों तक कीचड़ और पानी में घुसकर दाह संस्कार के लिए मुक्तिधाम पर जाना पड़ता है। ग्राम रूरई, भड़ेरी सहित आसपास के कई गांव में तो बरसात के दिनों में मुक्तिधाम पर जाने वाले रास्ते बंद हो जाते है। ग्रामीण क्षेत्र के लोगों ने शासन प्रशासन से मुक्तिधामों की दशा सुधारने की मांग की है। जिससे लोगों को दाह संस्कार के दौरान होने वाली परेशानी से निजात मिल सके।
कटीले पेड़ और झाड़ियों ने घेर ली सड़क
आलमपुर में खोड़न मोहल्ला तथा वार्ड क्र.12 में बने मुक्तिधाम की सड़क के दोनों ओर कटीले पेड़ और झाड़ियां खड़ी हुई है। और इन कटीले पेड़ एवं झाड़ियों ने आधी से अधिक सड़क घेर ली है। जिससे लोगों को दाह संस्कार के दौरान आने-जाने में परेशानी होती है। मुक्तिधाम की सड़क के दोनों ओर खड़े कटीले पेड़ों और झाड़ियों को कई वर्षों से नहीं कटवाया गया है। आलमपुर के नागरिकों ने नगर परिषद प्रशासन से मांग की है। कि दोनों मुक्तिधाम की सड़क के किनारे खड़े कटीले पेड़ एवं झाड़ियों को जल्द ही करवाया जाए। जिससे लोगों को दाह संस्कार के समय मुक्तिधाम पर आने-जाने में होने वाली परेशानी से छुटकारा मिल सकें।
Wednesday, September 30
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