– इंसानियत आश्रम में चल रहा है श्वान का इलाज
भिण्ड, 02 अप्रैल। घायल श्वान को बचाने के लिए कुछ नेकदिल लोग पटना (बिहार) 900 किमी की दूरी एवं दो दिन का सफर तय कर भिण्ड पहुंचे और घायल श्वान को इंसानियत आश्रम भिण्ड में भर्ती कराया जहां उसका उपचार किया जा रहौ। उनका एकमात्र उद्देश्य था कि एक बेजुबान पशु की जान बचाना, जो असहनीय दर्द और तकलीफ से गुजर रहा था।
उन्होंने बताया कि उस बेजुबान की कमर टूट गई है, जिसकी वजह से वह चल-फिर नहीं पा रहा था। उसे पहले बनारस शहर में भी दिखाया गया, लेकिन वहां से भी निराशा ही हाथ लगी। जब वो हमारे आश्रम आए तो सेवाकार्य को देखकर बहुत भावुक हो गए थे उन्होंने कहा कि ऐसा आश्रम हमने पूरे भारत में नही देखा। हमारे इंसानियत आश्रम में ऐसी घटनाएं असामान्य नहीं हैं। यहां लगभग हर दिन गुना, ग्वालियर, शिवपुरी, इटावा, भरथना, अलीगढ़ जैसे कई दूर-दराज के स्थानों से घायल और पीड़ित बेजुबान पशुओं को लाया जाता है।
दूर-दराज से आए लोगों से बात करने पर एक ही बात सामने आई कि हमारे शहर में गौशालाएं तो बहुत हैं, लेकिन ऐसा कोई आश्रय स्थल नहीं है जहां श्वान, बंदर, बिल्ली जैसे अन्य बेजुबान पशुओं को रखा जा सके। जब हमें इंसानियत आश्रम के बारे में पता चलता है, तो हम बिना देर किए उन्हें यहां लेकर आते हैं। यहां किसी भी असहाय को मना नहीं किया जाता, न ही कोई शुल्क लिया जाता है और इन बेजुबानों का ख्याल अपने बच्चों की तरह रखा जाता है। ईश्वर से यही प्रार्थना है कि हमें इतनी शक्ति प्रदान करे कि हमारे आश्रम में चाहे कोई कितनी ही दूर से आए, हम कभी किसी को निराश न लौटाएं। साथ ही, अंतिम सांस तक हमें नि:स्वार्थ भाव से बेजुबानों की सेवा करने की शक्ति मिलती रहे।


