– कृषि विभाग ने वितरण के संबंध में दी जानकारी
ग्वालियर, 01 अप्रैल। ग्वालियर जिले में भी ई-विकास (वितरण एवं कृषि उर्वरक आपूर्ति) प्रणाली अर्थात ई-टोकन से खाद वितरण व्यवस्था लागू हो चुकी है। ई-विकास प्रणाली में किसानों को उपलब्ध होने वाले उर्वरकों की गणना आईसीएआर अनुसंशित फसलवार के अनुसार प्रति हेक्टेयर के मान से वितरित किए जाने वाले खाद की गणना पूर्व से ही पोर्टल पर निर्धारित की गई है। जिले के किसान भाईयों से ई-विकास प्रणाली के तहत खाद प्राप्त करने की अपील की गई है।
उप संचालक किसान कल्याण एवं कृषि विकास रणवीर सिंह जाटव ने बताया कि ई-टोकन के जरिए पोर्टल के माध्यम से फसल की अवधि अनुसार उर्वरक किसानों को प्राप्त होगा। उदारहण स्वरूप जैसे-सोयाबीन (खरीफ) हेतु एक अप्रैल से 15 अगस्त तक उर्वरक प्राप्त हो सकेगा। इसके पश्चात रबी की फसल जैसे गेंहू के लिए 15 अगस्त से 15 फरवरी तक उर्वरक प्राप्त हो सकेगा। इसके पश्चात ग्रीष्मकालीन फसल (जायद) हेतु 15 फरवरी से 31 मार्च तक उर्वरक प्राप्त हो सकेगा। उप संचालक ने बताया कि उदाहरण के लिए गन्ने की फसल लगभग 12 माह की होती है, इसके लिए उर्वरक एक अक्टूबर से 30 सितंबर तक प्राप्त हो सकेगा, परंतु जिस खेत (खसरा क्रमांक) के लिए गन्ने की फसल के लिए उर्वरक प्राप्त किया है। उस खेत के लिए अन्य फसल के लिए उस समय अवधि में उर्वरक प्राप्त नहीं होगा।

