भिण्ड, 28 मार्च। फूप अस्पताल में धीरसिंह कुशवाह बीईई के पद पर पदस्थ हैं, लेकिन वह अपने मूल पद में रुचि नहीं ले रहे हैं। बल्कि अस्पताल कार्यालय में बैठकर बाबूगीरी करने का उन पर रंग चढ़ा हुआ है। जिसके कारण कार्यालय का काम प्रभावित हो रहा है।
ज्ञात हो कि धीरसिंह कुशवाह कभी भी निर्धारित समय पर अस्पताल में नहीं पहुंचते हैं। बताया जा रहा है कि धीरसिंह हफ्ते में चार दिन ही आते हैं और 12 बजे से पहले कभी भी अस्पताल में नहीं आते हैं। उसमें भी दो या तीन घटे रुक कर मोबाइल में टाइम पास करके वापस चले जाते हैं। अक्सर उनको मोबाइल में व्यस्त देखे जा सकते है। इतना ही नहीं खास बात ये है कि अस्पताल में राहुल जैन एकाउंटेंट के पद पर पदस्थ हैं फिर भी अकाउंटेंट का कार्य धीरसिंह कुशवाह को सोप दिया गया है। या यूं कहें कि रोगी कल्याण समिति का कार्यभार लेखा जोखा वाउचर भरना चेक बनना इस सारे काम कुशवाह ही करता है। बताया गया है कि अकाउंटेंट को दरकिनार कर कुशवाह अपने राजनैतिक संरक्षण के कारण अस्पताल में बीएमओ तक का कार्य करते है। इस बारे में बीएमओ डॉ. शर्मा से बात करने की कोशिश की गई तो उन्होंने फोन उठाना जरूरी नहीं समझा।
खास पत्रकारों का करते है पेमेंट
जब से धीरसिंह कुशवाह ने अकाउंट का काम अपने हाथ में लिया है तब से कार्यालय में अव्यवस्थाओं का आलम ये है कि उनके द्वारा कुछ खास पत्रकारों के अखबार का और विज्ञापन का पेमेंट करवाया जाता है। बांकी अखबारों का पेमेंट डालने में इनके द्वारा रुचि नहीं ली जाती है।
7 साल से एक ही जगह पदस्थ
फूप अस्पताल के सूत्रों से पता चला है कि धीरसिंह विगत सात साल से एक ही कार्यालय में पदस्थ हैं। जबकि नियमानुसार 3 साल बाद उनका कार्यालय बदलना चाहिए।
Sunday, April 5
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