– शहीद दिवस पर कार्यक्रम आयोजित
भिण्ड, 23 मार्च। शहीदे आजम भगत सिंह और उनके साथी सुखदेव एवं राजगुरु की शहादत दिवस पर शहर के किला गेट स्थित शहीदे आजम की प्रतिमा के समक्ष शहीद दिवस का आयोजन किया गया। इस अवसर पर कामरेड एडवोकेट देवेन्द्र सिंह चौहान, पत्रकार मिजाजी लाल जैन, पुरषोत्तम श्रीवास, संभागीय संयोजक विद्यालयीन शिक्षक संघ रक्षपाल सिंह राजावत, अनिल दौनेरिया, लक्ष्मण दास महंत, एडवोकेट सूरजरेखा त्रिपाठी, नदीम खान, राजेश कुमार शाक्य, राधारमन बाजपेई, राजेश गोला, नरेश भटनागर, अनुपमा राजावत, अभिलाष सिंह यादव, किशन सिंह भदौरिया, लक्ष्मण सिंह, निक्खू सिंह भदौरिया, गजेन्द्र सिंह आदि ने शहीद की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए देवेन्द्र सिंह चौहान ने कहा कि मानवता के ज्ञात इतिहास में जो भी महापुरुष हुए उनमें शहीद ए आज़म भगत सिंह के विचार और आदर्श सबसे श्रेष्ठ और महान हैं। वे चाहते थे कि धरती पर कहीं भी किसी भी रूप में मानव द्वारा मानव के शोषण का और शक्तिशाली पुरुष द्वारा कमजोर का उत्पीड़न का खात्मा हो। ऐसा समाज बने जिसमें वर्ण और वर्ग का विलोप हो जाए, सच्ची समानता, आजादी और भाईचारा हो।
उन्होंने कहा कि अंग्रेजों की गुलामी के समय प्रेस की आजादी पर हमला करके कर्मवीर और प्रताप जैसे अखबारों को शहीद कर दिया था। उसी तरह आज अभिव्यक्ति की आजादी और प्रेस पर हमले किए जा रहे हैं। हिन्दी, अंग्रेजी और उर्दू अखबार समूहों की सबसे बड़ी एजेंसी यूएनआई के परिवार पर हमला करके उसमें कार्यरत सैकड़ों महिला पुरुष पत्रकारों और गैर पत्रकार कर्मचारियों की मारपीट कर उन्हें परिसर से बेदखल किया गया और सरकार ने परिसर पर कब्जा कर लिया, सरकार का यह कृत्य निंदनीय है। उन्होंने कहा कि शहीदों के सपनों का नया भारत बनाने का काम सभी देशभक्तों को संगठित होकर करना होगा। कार्यक्रम में इंकलाब जिंदाबाद, साम्राज्यवाद का नाश हो, फासीवाद हो बर्बाद के गगन भेदी नारे लगाए गए।


