– पिण्डदान कर आंदोलनकारियों ने जताया आक्रोश
भिण्ड, 19 मार्च। राष्ट्रीय राजमार्ग-719 पर टोल प्लाजा तोड़फोड़ मामले में पुलिस थाने में प्राथमिकी दर्ज होते ही आंदोलनकारियों में आक्रोश भड़क उठा और वे विरोध में सड़कों पर उतर आए। बुधवार को प्रदर्शन के दौरान एक आंदोलनकारी ने सिर मुंडन कराकर अपना विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शनकारियों ने टोल वसूली को अवैध बताते हुए सरकार के रवैए को जमकर कोसा।
सोमवार को रोड नहीं तो टोल नहीं, अभियान के तहत टोल प्लाजा पर प्रदर्शन किया गया था। आंदोलनकारियों का कहना है कि हाईवे का चौड़ीकरण और मरम्मत कार्य अधूरा है, इसके बावजूद टोल वसूली जारी रखी जा रही है। प्रदर्शन के दौरान जब टोल प्रबंधन ने कैमरों के माध्यम से टोल कटिंग शुरू की, तो स्थिति तनावपूर्ण हो गई और आक्रोशित भीड़ द्वारा इस दौरान एक सीसीटीवी कैमरों को नुकसान पहुंचाया गया। घटना के बाद टोल प्लाजा प्रबंधन ने बसपा नेता रक्षपाल सिंह राजावत सहित तीन लोगों के खिलाफ महाराज पुरा पुलिस थाने में एफआईआर दर्ज कराई। मामला दर्ज होने की खबर फैलते ही आंदोलन से जुड़े लोगों में नाराजगी और बढ़ गई, जिसके चलते बुधवार को दोबारा विरोध प्रदर्शन किया गया।
आंदोलनकारी रोमी चौहान ने बुधवार को विरोध स्वरूप अपना सिर मुंडन कराया और पिंडदान करते हुए टोल प्रबंधन और सरकार पर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि यह कदम जनता की आवाज उठाने के लिए है। उन्होंने आरोप लगाया कि नेशनल हाईवे पर लगातार दुर्घटनाएं हो रही हैं, जिनमें कई लोगों की जान जा चुकी है, लेकिन सरकार न तो सड़क की स्थिति सुधारने के लिए गंभीर है और न ही पीड़ित परिवारों को पर्याप्त सहायता दी जा रही है। रोमी चौहान ने टोल प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि टोल प्लाजा का टेंडर वर्ष 2025 तक ही था, इसके बावजूद वसूली जारी है, जो सीधे तौर पर नियमों का उल्लंघन है। उन्होंने इसे टोल घोटाला करार देते हुए सरकार और टोल प्रबंधन के बीच मिली भगत का आरोप लगाया।


