भिण्ड, 27 फरवरी। प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस शा. एमजेएस महाविद्यालय भिण्ड में राष्ट्रीय विज्ञान दिवस 2026 पखवाड़ा कार्यक्रम के तृतीय दिवस विषय विशेषज्ञ व्याख्यान का आयोजन किया गया है। जिसमें जंतु विज्ञान और पर्यावरण विभाग से प्राध्यापकों द्वारा व्याख्यान दिया गया।
प्राध्यापक डॉ. आरएन सिंह ने जन्तु विज्ञान के क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी पर विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए बताया कि जंतु विज्ञान और पशु विज्ञान के क्षेत्र में महिलाएं अनुसंधान, संरक्षण, पशु चिकित्सा और डेयरी विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। जेन गुडॉल (प्राइमेट्स) और यूजीनी क्लार्क (शार्क) जैसी अग्रणी वैज्ञानिकों ने वन्यजीव व्यवहार को समझाकर नए मानक स्थापित किए, जबकि ग्रामीण स्तर पर महिलाएं पशुपालन 70-80 प्रतिशत भागीदारी का मुख्य आधार हैं। जमाल आरा भारत की पहली महिला पक्षी विज्ञानियों में से एक थीं, जिन्होंने वनों के संरक्षण में काम किया। डॉ. लतिका नाथ भारत की पहली महिला वन्यजीव जीव विज्ञानी है, जिन्होंने बाघ संरक्षण में और दिव्या मुदप्पा जैसे पारिस्थितिकी विदों ने वन्य जीवों के अध्ययन में महत्वपूर्ण काम किया है। डॉ. सक्कु भाई रामचंद्रन भारत की पहली महिला पशु चिकित्सक थीं, जिन्होंने इस क्षेत्र में महिलाओं के लिए रास्ते खोले।
प्रो. मोहित कुमार दुबे ने बताया कि कमला सोहोनी 1939 में वैज्ञानिक विषय में पीएचडी प्राप्त करने वाली पहली भारतीय महिला वैज्ञानिक थीं, जिन्होंने जैव रसायन के क्षेत्र में काम किया। उन्होंने ताड़ के अर्क के पोषण मूल्यों पर शोध किया। विज्ञान का कोई भी क्षेत्र हो महिलाओं की भूमिका को भुलाया नहीं जा सकता है। इस अवसर पर अधिकांश विद्यार्थी सहित समस्त महाविद्यालय स्टाफ उपस्थित रहा।
Wednesday, June 24
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