– भाजपा अजा मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष लालसिंह आर्य मौ में चल रही श्रीमद् भागवत कथा में हुए शामिल
भिण्ड, 17 फरवरी। भारतीय जनता पार्टी अनुसूचित जाति मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष लालसिंह आर्य ने मौ नगर में वार्ड क्र.5 में कुशवाहा समाज द्वारा चल रही श्रीमद् भागवत कथा का श्रवण किया।
इस अवसर राष्ट्रीय अध्यक्ष आर्य ने मंच से कहा कि श्रीमद् भागवत कथा, श्रीराम कथा हमारे आध्यात्मिक जीवन को आगे बढ़ने का कार्य करती है। भगवान श्रीकृष्णा, मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम हमारे आदर्श हैं, समाज को श्रीमद् भागवत कथा का संपूर्ण विधान विचार भाव के साथ कथा का एक-एक कर अपने हृदय में स्थापित करना चाहिए। उन्होंने कहा कि भागवत कथा हिन्दुओं के 18 पुराणों में से एक है। इसे श्रीमद् भागवतम् या केवल भागवतम् भी कहते हैं। इसका मुख्य विषय भक्ति योग है, जिसमें कृष्ण को सभी देवों का देव या स्वयं भगवान के रूप में चित्रित किया गया है। इसके अतिरिक्त इस पुराण में रस भाव की भक्ति का निरुपण भी किया गया है। परंपरागत तौर पर इस पुराण के रचयिता वेद व्यास को माना जाता है।
उन्होंने कहा कि श्रीमद् भागवत कथा का मुख्य उद्देश्य जीव का परमात्मा से मिलन, मन की शुद्धि और भक्ति-ज्ञान-वैराग्य को जगाना है। यह संसार में रहते हुए ईश्वर से जुड़ने, आध्यात्मिक शांति प्राप्त करने और जीवन को सार्थक बनाने की शिक्षा देती है। कथा के श्रवण से क्लेश दूर होते हैं और मोक्ष का मार्ग प्रशस्त होता है। श्रीमद् भागवत कथा के प्रमुख उद्देश्य ईश्वर से मिलन: कथा का सार जीव और परमात्मा का मिलन है। यह भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं के माध्यम से उनके दिव्य रूप का बोध कराती है। कथा श्रवण से मनुष्य का मन निर्मल होता है और हृदय में भक्ति का उदय होता है, जिससे सांसारिक कष्ट कम होते हैं। यह कथा मनुष्य को जीवन के वास्तविक लक्ष्य (धर्म, अर्थ, काम, मोक्ष) का एहसास कराती है, जिससे मनुष्य सांसारिक माया से निकलकर सही दिशा की ओर बढ़ता है। कथा का उद्देश्य ज्ञान और वैराग्य जगाना है, जो मनुष्य को सांसारिक मोह-माया से ऊपर उठने में मदद करते हैं।
उन्होंने कहा कि यह कथा श्रवण करने से कलियुग में होने वाले समस्त पापों और दोषों का नाश होता है। भागवत महापुराण का उद्देश्य साधारण मनुष्य को (नर को) नारायण के पद तक पहुंचाना है,जो एक उत्तम जीवन की प्राप्ति है। संक्षेप में श्रीमद् भागवत कथा जीवन जीने की एक अदभुत शैली सिखाती है, जो सांसारिक सुखों के बीच ईश्वर की भक्ति और परम शांति का मार्ग प्रशस्त करती है। भागवत कथा सुनने वाले इंसान को सुख व शांति की प्राप्ति होती है। इसलिए निरंतर ही भगवान की पूजा कर और उनकी भक्ति करनी चाहिए और अपने जीवन कल में एक बार अवश्य ही भाग.लेकर अध्यात्म तक की ओर जागृत होना चाहिए। श्रीमद् भागवत कथा ‘पुराण का अर्थ है- जो प्राचीन होते हुए भी नवीन बना हुआ है, पुराण में 5 लक्षण होते हैं।
व्यास गद्दी पर उपस्थित संतों का किया सम्मान
भाजपा अजा मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष लालसिंह आर्य ने श्रीमद् भागवत कथा में मंच पर कथा वाचक महाराज एवं सर्व संतो का वस्त्र उढ़ाकर उनका सम्मान किया। इस अवसर पर भाजपा जिला उपाध्यक्ष सज्जन सिंह यादव, जिला मंत्री फरेन्द्र सिंह सिकरवार, रघुवीर सिंह पवैया, रामू कुशवाहा, भाजपा मंडल अध्यक्ष रामअख्त्यार सिंह गुर्जर भी मौजूद थे।


