– 12 फरवरी को बंद रहेगी जिले की कृषि उपज मण्डी
भिण्ड, 04 फरवरी। भाजपा मोदी सरकार द्वारा 4 श्रम संहिताओं के लागू कर श्रमिक और कर्मचारियों को श्रम न्यायालय एवं श्रम निरीक्षक से बंचित करना चाहती है। श्रम निरीक्षक एवं श्रम न्यायालय की स्थापना सरकार ने मेहनतकश जनता के हितों की रक्षा के लिए की थी, सरकारों द्वारा श्रमिकों कर्मचारियों के खिलाफ निर्णय लिए जाते हैं, तो श्रम न्यायालय ही सरकारों, प्रबंधकों के अत्याचार बचाता रहा है, पुराने श्रम कानूनों को खत्म करने के साथ भाजपा मोदी सरकार ने श्रम संहिताओं में श्रम निरीक्षक एक श्रम न्यायालय के अधिकारो को सिथिल औचित्य हीन बना दिया है। भाजपा मोदी सरकार श्रमिकों कर्मचारियों को श्रम निरीक्षक एवं श्रम न्यायालय से बंचित करने के लिए 4 लेवर कोड लागू कर रही है। यह बात सीटू जिला महासचिव अनिल दौनेरिया उपस्थित कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कही।
हम्माल पल्लेदार तुलावटी एकता फैडरेशन सीटू ने गोहद कृषि उपज मंडी सचिव एवं भिण्ड कृषि उपज मंडी सचिव को ज्ञापन देकर 12 फरवरी को राष्ट्रीय हड़ताल के समर्थन में भिण्ड जिला की कृषि उपज मंडियों को बन्द करने का निर्णय लिया गया। दोनों ही जिला की मुख्य कृषि उपज मण्डी हैं। हम्माल पल्लेदार तुलावटी एकता फैडरेशन के नेता ब्रजमोहन कुशवाहा, हवलदार सिंह, महेन्द्र सिंह राठौर, धनीराम शाक्य, कल्लू, रामरतन सिंह, गंभीर यादव, सुखलाल रावत, नवाव खां, महेश माहौर, भीखाराम लालू बाथम, श्रीकृष्ण माहौर, नाथूराम बाथम, मामा प्रजापति, सरदार खां, शिव सिंह, पप्पू खां, पान सिंह, माखन आदि हम्माल, पल्लेदारों, तुलावटी लोगों ने 12 फरवरी को कृषि उपज मण्डी बंद रखने के नोटिस पर हस्ताक्षर कर ज्ञापन दिए।


