– तिरंगा लेकर निकली विशाल रैली, केन्द्र सरकार के खिलाफ फूटा जनाक्रोश
भिण्ड, 01 फरवरी। केन्द्र सरकार द्वारा लागू किए गए यूजीसी के कथित काले कानून के विरोध में रविवार को दबोह नगर में सवर्ण समाज के आह्वान पर भारत बंद का व्यापक असर देखने को मिला। बंद को लेकर नगर में सुबह से ही जनजीवन प्रभावित रहा। व्यापारियों ने स्वेच्छा से अपने प्रतिष्ठान बंद रखे, जिससे नगर के लगभग सभी प्रमुख बाजार पूर्णत: बंद नजर आए।
भारत बंद के समर्थन में सवर्ण समाज द्वारा हाथों में तिरंगा लेकर एक विशाल रैली निकाली गई, जो नगर के प्रमुख मार्गों, बाजार क्षेत्रों और चौक-चौराहों से होती हुई निकली। रैली के दौरान सवर्ण समाज के प्रदर्शनकारियों में भारी आक्रोश देखने को मिला। केन्द्र सरकार की नीतियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई। रैली के दौरान तानाशाही नहीं चलेगी, यूजीसी का काला कानून वापस लो जैसे नारों से पूरा नगर गूंज उठा।
रैली को संबोधित करते हुए पूर्व व्यापार मंडल अध्यक्ष अवधेश गुप्ता ने केन्द्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यूजीसी के नाम पर लाया गया यह कानून शिक्षा सुधार नहीं, बल्कि शिक्षा व्यवस्था को कमजोर करने की साजिश है। यह कानून छात्रों, शिक्षकों और समाज के बुनियादी अधिकारों पर सीधा हमला है। केन्द्र सरकार लोकतांत्रिक मूल्यों को ताक पर रखकर तानाशाही रवैया अपना रही है। उन्होंने आगे कहा कि किसी भी कानून को लागू करने से पहले समाज के सभी वर्गों से संवाद आवश्यक होता है, लेकिन केन्द्र सरकार ने ऐसा नहीं किया। यह कानून जनभावनाओं के खिलाफ है और इसे तुरंत वापस लिया जाना चाहिए। यदि सरकार ने समय रहते इसे वापस नहीं लिया, तो यह आंदोलन और अधिक व्यापक रूप लेगा।
युवा नेता धर्मेन्द्र कुरचानियां ने भी केन्द्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि यूजीसी का यह कानून सीधे तौर पर देश के युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ है। इससे न तो शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ेगी और न ही रोजगार के अवसर। इसके विपरीत, यह कानून युवाओं को असमंजस और अनिश्चितता की ओर धकेल देगा। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार लगातार आम जनता, छात्रों और युवाओं की आवाज को अनसुना कर रही है। लोकतंत्र में जन आंदोलन ही अंतिम रास्ता बचता है और यही कारण है कि आज सवर्ण समाज सड़क पर उतरने को मजबूर हुआ है। धर्मेन्द्र कुरचानियां ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि यूजीसी का यह काला कानून शीघ्र वापस नहीं लिया गया, तो यह आंदोलन केवल दबोह तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसे जिला, प्रदेश और राष्ट्रीय स्तर तक ले जाया जाएगा।
शांतिपूर्ण रहा प्रदर्शन, पुलिस प्रशासन रहा मुस्तैद
रैली के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद नजर आया। रैली के साथ टीआई राजेश शर्मा समेत पर्याप्त पुलिस बल मौजूद रहा। पूरे प्रदर्शन के दौरान पुलिस की निगरानी में स्थिति नियंत्रित रही और प्रदर्शन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। प्रदर्शन के अंत में प्रदर्शनकारियों ने केन्द्र सरकार से यूजीसी के काले कानून को तुरंत निरस्त करने की मांग दोहराते हुए कहा कि जब तक यह कानून वापस नहीं लिया जाता,तब तक उनका संघर्ष जारी रहेगा। प्रदर्शन के अंत मे सभी सवर्ण समाज के सदस्यों ने राष्ट्रपति के नाम दबोह थाना प्रभारी राजेश शर्मा को सौपा।


