भिण्ड, 24 जनवरी। शासकीय महाविद्यालय आलमपुर में विवेकानंद कैरियर मार्गदर्शन योजना अंतर्गत नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती एवं वसंत पंचमी के अवसर पर संयुक्त कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिसकी शुरुआत मां सरस्वती के पूजन एवं वंदना से हुई। इसके पश्चात सांस्कृतिक कार्यक्रम के तहत छात्र-छात्राओं ने लोकगीतों पर आधारित मनमोहक नृत्य प्रस्तुतियां दी।
इस अवसर पर महाविद्यालय प्राचार्य डॉ. भगवान सिंह निरंजन ने कहा कि वसंत ऋतु केवल ऋतु परिवर्तन नहीं, बल्कि जीवन में नवचेतना और नवीन अवसरों के आगमन का प्रतीक है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जैसे प्रकृति वसंत के आगमन से नवजीवन पाती है, वैसे ही मनुष्य को भी अपने जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाकर नए संकल्पों के साथ आगे बढ़ना चाहिए।
मुख्य वक्ता धर्मवीर भदौरिया ने सुभाष चंद्र बोस के जीवन और संघर्षों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि नेताजी का संपूर्ण जीवन राष्ट्रसेवा, त्याग और साहस का जीवंत उदाहरण है। उन्होंने बताया कि सुभाष चंद्र बोस ने आजाद हिंद फौज का गठन कर भारत की स्वतंत्रता की लड़ाई को एक नई दिशा दी। उनका यह विश्वास था कि केवल विचार नहीं, बल्कि संगठित शक्ति और साहस ही राष्ट्र को स्वतंत्रता दिला सकता है। भदौरिया ने कहा कि अंग्रेजी शासन पर सशक्त दबाव और आज़ाद हिंद फौज के बलिदान ने स्वतंत्रता संग्राम को निर्णायक मोड़ दिया।
अंत में डॉ. मंदाकिनी शर्मा ने आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में डॉ. आदित्य दिवोलिया, डॉ. विष्णु स्वरूप गोस्वामी, डॉ. नीरज भारद्वाज, डॉ. कुलदीप शर्मा, डॉ. मनीष पलेरिया, डॉ. आसाराम अहिरवार, अजय शर्मा, अनिल शर्मा, अनूप उदैनिया, संजय नायक, बलवीर, अजय कुशवाहा, लाखन सिंह कौरव, ग्याप्रसाद कुशवाह सहित बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित थे।
Thursday, April 9
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