भोपाल ब्यूरो – मध्य प्रदेश में समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करने को लेकर हलचल तेज हो गई है। असम और गुजरात के बाद अब एमपी भी इस दिशा में कदम बढ़ाता नजर आ रहा है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंत्रियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि वे UCC का गहन अध्ययन करें। उनके संकेत के बाद गृह विभाग ने इस पर प्रक्रिया तेज कर दी है, क्योंकि इसी विभाग के पास बिल तैयार करने की जिम्मेदारी है।
सूत्रों के मुताबिक, जल्द ही राज्य स्तर पर एक उच्च स्तरीय कमेटी गठित की जाएगी, जो करीब 6 महीने में अपनी रिपोर्ट दे सकती है। इसके बाद UCC लागू करने की दिशा में आगे बढ़ा जाएगा। बताया जा रहा है कि इस मामले में केंद्र से भी सकारात्मक संकेत मिले हैं।
मध्य प्रदेश सरकार अन्य राज्यों के मॉडल का भी अध्ययन करेगी। खास तौर पर गोवा सिविल कोड और उन राज्यों के अनुभवों को देखा जाएगा, जहां इस दिशा में काम हुआ है। इसी आधार पर प्रदेश के लिए एक व्यावहारिक और संतुलित प्रारूप तैयार किया जाएगा।
संभावना है कि UCC से जुड़ा प्रस्ताव मानसून सत्र 2026 में कैबिनेट के सामने लाया जा सकता है। सरकार का कहना है कि इसे लागू करते समय सभी वर्गों की भावनाओं का ध्यान रखा जाएगा और कानूनी विशेषज्ञों व सामाजिक संगठनों से चर्चा के बाद ही आगे बढ़ा जाएगा।
अगर सब कुछ तय योजना के मुताबिक चलता है, तो आने वाले समय में मध्य प्रदेश में UCC को लेकर बड़ा फैसला देखने को मिल सकता है।


