भिण्ड, 16 जनवरी। राजस्व विभाग ने शुक्रवार की दोपहर कार्रवाई करते हुए उपतहसील के पास स्थित शासकीय जमीन को कब्जाधारियों से मुक्त करवा लिया। उक्त जमीन पर विगत लगभग बीस वर्षों से दबंगों द्वारा अवैध रूप से कब्जा कर खेती की जा रही थी।
जानकारी के अनुसार आलमपुर-रतनपुरा मुख्य मार्ग पर उपतहसील के पास गौचर जमीन के सर्वे क्र.928 की लगभग तीन बीघा जमीन पर विगत लगभग बीस वर्षों से दबंगों द्वारा कब्जा कर खेती की जा रही थी। जिसको शुक्रवार को राजस्व विभाग ने कार्रवाई कर मुक्त करवा लिया। नायब तहसीलदार महेश माहौर के निर्देशन में राजस्व अमले द्वारा जेसीबी से मुख्य मार्ग के किनारे लकड़ी के खम्बे गाढ़कर की गई तार फेंसिंग को तोड़ दिया और खेत में आवारा गायों को ले जाकर उनसे फसल चरवाई। बता दें कि उपतहसील द्वारा अतिक्रमणकर्ता संजीव कौरव, जितेन्द्र कौरव और कुंअर सिंह कौरव को विगत 18 दिसंबर को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए थे। जिसके बाद उक्त लोगों द्वारा जबाव भी पेश कर दिए गए थे। जिसके बाद प्रशासन ने शुक्रवार को कार्रवाई कर उक्त जमीन को मुक्त करवा लिया। मुक्त करवाई गई जमीन की कीमत 2 करोड़ 50 लाख से ज्यादा आंकी जा रही है। कार्रवाई के दौरान पटवारीगण संजीव जाटव, राजेन्द्र पलैया, मनोज पाराशर, नीलेश पाल, नवल परिहार समेत समस्त राजस्व एवं नगर परिषद अमला और आलमपुर थाने का पुलिस बल मौजूद रहा।
लगाए मनमानी और पक्षपातपूर्ण कार्रवाई के आरोप
मौके पर मौजूद संजीव कौरव एवं कुंअर सिंह कौरव के पुत्र चित्रेश कौरव ने प्रशासन पर मनमानी और पक्षपातपूर्ण कार्रवाई के आरोप लगाते हुए कहा कि कार्रवाई की सूचना दिए बगैर हम लोगों पर सीधे कार्रवाई की जा रही है, जबकि हमारे सामने जमीन का सीमांकन तक नहीं किया गया। वहीं अन्य लोगों द्वारा भी जमीन पर कब्जा किया गया है। मगर उन पर कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है।
इनका कहना है:
”अभी तीन लोगों से जमीन को मुक्त करवाया है। बांकी लोगों को चिन्हित कर जल्द ही अन्य जमीन भी अतिक्रमण मुक्त करवाई जाएगी।”
महेश माहौर, नायब तहसीलदार


