भिण्ड, 03 जनवरी.मनीष दुबे।
बच्चों के सुरक्षित भविष्य और उन्हें जानलेवा बीमारियों से बचाने के उद्देश्य से समाज के सभी वर्गों की सक्रिय सहभागिता आवश्यक है। इसी क्रम में शनिवार को विकास खण्ड लहार में जीरो डोज बच्चों को लेकर एक उन्मुखीकरण सह समन्वय बैठक का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम यूनिसेफ के सहयोग से मध्य प्रदेश वॉलेंटरी हेल्थ एसोसिएशन (एमपीवीएचए) द्वारा आयोजित किया गया। जिसमें पीआरआई सदस्य, सरपंच, सचिव, ग्राम रोजगार सहायक, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी, प्रभावशाली व्यक्ति एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं ने सहभागिता की।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य जीरो डोज श्रेणी में आने वाले बच्चों की पहचान कर उन्हें समय पर टीकाकरण सेवाओं से जोड़ना तथा गांव स्तर पर किसी भी बच्चे का टीकाकरण छूटने से रोकना रहा।
इस अवसर पर जिला समन्वयक डॉ. वरुण शर्मा ने बताया कि जीरो डोज वे बच्चे होते हैं जिन्हें जन्म से एक वर्ष की आयु तक पेंटावेलेंट टीके की एक भी खुराक नहीं मिली होती। ऐसे बच्चों की पहचान कर समय पर टीकाकरण कराना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है और अपने-अपने गांव में यह सुनिश्चित करना होगा कि कोई भी बच्चा टीकाकरण से वंचित न रहे। बैठक के दौरान पीआरआई सदस्यों ने टीकाकरण कार्यक्रम में पूर्ण सहयोग देने तथा समुदाय को जागरूक करने का आश्वासन दिया। इस अवसर पर यूनिसेफ एमपीवीएचए के ब्लॉक कोऑर्डिनेटर सुमित यादव, सेक्टर पर्यवेक्षक दीपेन्द्र सिंह, शिवकुमार माझी सहित अन्य संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।


