– अनियमितताओं का खुलासा
मेहगांव, 26 दिसम्बर.मनीष दुबे। परियोजना अधिकारी बाल विकास परियोजना मेहगांव ने अनुविभागीय अधिकारी राजस्व मेहगांव के अनुमोदन पर पचेरा आंगनबाड़ी केन्द्र की कार्यकर्ता सरिता शर्मा की सेवा समाप्त कर दी है। यह कार्रवाई लगातार अनियमितताओं, बिना सूचना के अनुपस्थिति, मुख्यालय पर निवास न करने और केन्द्र संचालन में सहयोग न देने के कारण की गई है।
सरिता शर्मा ने संपर्क ऐप तथा पोषण ट्रैकर पर भी उपस्थिति दर्ज नहीं की, जो शासन के नियमों का स्पष्ट उल्लंघन है। आंगनबाड़ी सहायिका पचेरा द्वारा परियोजना अधिकारी को सरिता की अनुपस्थिति और केन्द्र संचालन न करने की शिकायत दर्ज कराई गई थी। पर्यवेक्षक दल के निरीक्षण में भी उन्हें बिना सूचना के अनुपस्थित पाया गया। गत 28 अगस्त को जारी कार्यालयीन पत्र से उन्हें पुनरावृत्ति न दोहराने की चेतावनी दी गई। इसके बावजूद सुधार न होने पर 29 सितंबर के आदेश से पूरे महीने का मानदेय काट लिया गया। 3 नवंबर के निरीक्षण में फिर अनुपस्थिति सामने आई। उसी दिन कारण बताओ नोटिस जारी किया गया, लेकिन सरिता शर्मा ने कोई जवाब नहीं दिया। परिणामस्वरूप 29 अक्टूबर को फिर पूरे महीने का मानदेय कटौती का आदेश जारी हुआ। 8 दिसंबर को चार महीनों से लगातार अनुपस्थिति के लिए दूसरा कारण बताओ नोटिस भेजा गया, मगर कोई प्रतिक्रिया न मिलने पर अंतिम कार्रवाई की गई। ये सभी अनियमितताएं महिला एवं बाल विकास विभाग भोपाल के 23 मई के पत्र के नियमों का उल्लंघन हैं। सरिता शर्मा का व्यवहार घोर अनुशासनहीनता, असंवेदनशीलता और वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशों की अवहेलना दर्शाता है। आंगनबाड़ी केन्द्र बच्चों के पोषण, स्वास्थ्य और शिक्षा का केन्द्र होता है, जहां कार्यकर्ता की नियमित उपस्थिति अनिवार्य है। उनकी लापरवाही से केन्द्र का संचालन प्रभावित हुआ, जो समुदाय के कमजोर वर्गों के हितों के विरुद्ध है। अनुशासनात्मक कार्रवाई में सरिता शर्मा को पचेरा आंगनवाड़ी केन्द्र से पद से पृथक कर दिया गया है। सेवा समाप्ति के बाद उन्हें मानदेय या अतिरिक्त मानदेय की कोई पात्रता नहीं रहेगी। पीड़ित पक्ष को सात दिनों के भीतर जिला कलेक्टर के समक्ष अपील करने का अवसर दिया गया है। यह कदम आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं में अनुशासन और जिम्मेदारी सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण है। विभाग ने स्पष्ट संदेश दिया है कि ऐसी लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
इनका कहना है:
”सीडीपीओ की रिपोर्ट में पाया गया कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सरिता शर्मा काम नही कर रही हैं, जांच के बाद पद से पृथक किया गया।”
नवनीत शर्मा, एसडीएम मेहगांव


