– वरिष्ठ कार्यालय के आदेशों को ठेंगा दिखाना पड़ा भारी
भिण्ड, 23 जून। शासकीय कार्यों में घोर लापरवाही, अनुशासनहीनता और वरिष्ठ कार्यालय के आदेशों की अव्हेलना करने के मामले में लोक शिक्षण मप्र के आयुक्त अभिषेक सिंह ने बड़ी कार्रवाई की है। उन्होंने भिण्ड के जिला शिक्षा अधिकारी आरडी मित्तल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय संभागीय संयुक्त संचालक लोक शिक्षण ग्वालियर नियत किया गया है।
मामला एक सेवानिवृत्त प्रधानाध्यापक की विभागीय जांच से जुड़ा है। शासकीय माध्यमिक विद्यालय सिकहटा से सेवानिवृत्त हुए प्रधानाध्यापक नंदलाल दोहरे के विरुद्ध संभागीय संयुक्त संचालक लोक शिक्षण ग्वालियर द्वारा 20 अगस्त 2024 को विभागीय जांच संस्थित की गई थी। इस जांच के लिए भिण्ड के जिला शिक्षा अधिकारी आरडी मित्तल को जांचकर्ता अधिकारी नियुक्त करते हुए समय-सीमा में जांच प्रतिवेदन सौंपने के निर्देश दिए गए थे।
नोटिस और चेतावनी का भी नहीं हुआ असर
जांच प्रतिवेदन समय पर प्रस्तुत न करने के कारण संभागीय संयुक्त संचालक ग्वालियर द्वारा डीईओ आरडी मित्तल को लगातार स्मरण पत्र, कारण बताओ सूचना पत्र और अंतिम चेतावनी पत्र जारी किए गए। इसके बावजूद उन्होंने वरिष्ठ कार्यालय को जांच प्रतिवेदन उपलब्ध नहीं कराया। आदेश के मुताबिक, डीईओ मित्तल का यह कृत्य मप्र सेवा आचरण नियम 1965 के नियम-3 के सर्वथा विपरीत है, जो पदीय कर्तव्यों के प्रति लापरवाही, अनुशासनहीनता और कदाचरण की श्रेणी में आता है। आयुक्त लोक शिक्षण मप्र अभिषेक सिंह द्वारा जारी आदेश के तहत आरडी मित्तल को मप्र सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम 1966 के उपनियम 9 के अंतर्गत निलंबित किया गया है। निलंबन काल में उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता मिलता रहेगा।


