– अपर जिला मजिस्ट्रेट एलके पांडेय ने जारी किया आदेश
भिण्ड, 27 मई। माह अक्टूबर 2025 में लावारिस अवस्था में मिली बालिका को जिला प्रशासन महिला एवं बाल विकास विभाग के संरक्षण में उपचार उपरांत सेवा भारती मातृछाया में प्रवेश दिया गया। इसके पश्चात बालिका को पुणे निवासी दंपति द्वारा रिजर्व किया गया और प्री-एडॉप्शन की कार्रवाई की गई।
प्री-एडॉप्शन की कार्रवाई के पश्चात अपर जिला मजिस्ट्रेट एलके पांडेय के निर्देशन में संभावित माता-पिता को लगभग 2 माह बाद साक्षात्कार के लिए बुलाया गया। साक्षात्कार में अपर जिला मजिस्ट्रेट द्वारा संभावित माता-पिता से बात की गई, बालिका को देखा गया। स्वास्थ्य के संबंध में चर्चा की गई, बालिका के विकास, टीकाकरण आदि के संबंध में जानकारी ली गई। संतुष्ट होने पर एवं संभावित माता-पिता पर बालिका का अंतिम दत्तक ग्रहण आदेश जारी करते समय अपर कलेक्टर द्वारा संभावित दंपति को दत्तक ग्रहण आदेश सौंपते हुए शुभकामनाएं दी गई और जिला प्रशासन की ओर से मेरी बेटी मेरा अभिमान का स्मृति चिन्ह प्रदान कर उनसे आशा की गई के बालिका की उचित संरक्षण पोषण हेतु सदैव तत्पर रहेंगे।
दत्तक ग्रहण की प्रक्रिया के दौरान जिला कार्यक्रम अधिकारी अंजू तोमर, बाल संरक्षण अधिकारी अजय सक्सेना, सेवा भारती मात्रछाया से सचिव संतोष गुप्ता उपस्थित रहे। जिला कार्यक्रम अधिकारी अंजू तोमर ने बताया कि दत्तक ग्रहण की एक मात्र वैधानिक प्रक्रिया कारा के माध्यम से ही संभव है, अन्य किसी माध्यम दत्तक ग्रहण नहीं करना चाहिए। बाल संरक्षण अधिकारी अजय सक्सेना ने बताया गया की संभावित माता-पिता द्वारा 2022 में दत्तक ग्रहण हेतु पंजीकृत किया गया था और 2026 में उनकी वेटिंग क्लियर हुई उसके बाद जब बालिका का अंतिम दत्तक ग्रहण आदेश जारी हुआ।


