– बेसली नदी तट पर दीपदान कर जल संरक्षण का दिया गया संदेश
भिण्ड, 25 मई। मप्र शासन के महत्वाकांक्षी जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत जन अभियान परिषद विकास खण्ड मेहगांव द्वारा ग्राम सुरावली (कच्छपुरा) में स्थित बेसली नदी तट पर दीपदान कार्यक्रम एवं जल संरक्षण विषयक संगोष्ठी का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य जनसामान्य को जल संरक्षण, जल स्त्रोतों के संवर्धन एवं पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करना है। कार्यक्रम में जन अभियान परिषद के विकास खण्ड समन्वयक जयप्रकाश शर्मा, पंचायत सचिव अखिलेश शर्मा, ग्राम विकास प्रस्फुटन समिति की अध्यक्ष सुषमा देवी, ग्रामीणजन, प्रस्फुटन समितियों के सदस्य उपस्थित रहे। अतिथियों ने कार्यक्रम का शुभारंभ मां गंगा एवं जल देवता के पूजन-अर्चन के साथ किया। सभी लोगों ने बेसली नदी के तट पर दीप प्रज्वलित कर जल संरक्षण का संकल्प लिया।
इस अवसर पर आयोजित संगोष्ठी में ब्लॉक समन्वयक जयप्रकाश शर्मा ने कहा कि दीपों की रोशनी से नदी तट का वातावरण आध्यात्मिक रूप से समाज को जोड़ता है। जल केवल प्राकृतिक संसाधन ही नहीं हमारे जीवन का आधार है, जिसकी रक्षा करना प्रत्येक नागरिक का नैतिक दायित्व है। शासन द्वारा संचालित जल गंगा संवर्धन अभियान का उद्देश्य नदियों, तालाबों, कुओं एवं अन्य पारंपरिक जल स्त्रोतों का संरक्षण एवं पुनर्जीवन करना है। भारतीय संस्कृति में नदियों को मां का स्वरूप माना गया है। प्राचीन काल से ही जल स्त्रोतों का संरक्षण हमारी परंपरा रही है। वर्तमान समय में हम अपनी परंपराओं एवं संस्कारों को पुनर्जीवित करते हुए जल संरक्षण को जन आंदोलन का रूप दें और वर्षा जल संचयन, पौधारोपण एवं जल स्त्रोतों की स्वच्छता को अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाएं।
पंचायत सचिव अखिलेश शर्मा ने कहा कि आज निरंतर घटते भूजल स्तर, वर्षा जल का उचित संचयन न होना तथा जल स्त्रोतों का अतिक्रमण एवं प्रदूषण समाज के लिए गंभीर चिंता का विषय है। यदि समय रहते जल संरक्षण के प्रभावी उपाय नहीं किए गए तो आने वाली पीढ़ियों को भीषण जल संकट का सामना करना पड़ सकता है। हम सब लोग छोटे-छोटे प्रयासों से भी जल संरक्षण में बड़ा योगदान दे सकते है। घरों में पानी का सीमित उपयोग, खेत तालाब निर्माण, पारंपरिक जल स्त्रोतों की सफाई तथा अधिक से अधिक पौधारोपण जैसे कार्य जल संकट को कम करने में सहायक होंगे।
प्रस्फुटन समिति अध्यक्ष सुषमा देवी ने कहा कि जल संरक्षण केवल शासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति की सहभागिता से ही यह अभियान सफल होगा। यदि समाज एकजुट होकर प्रयास करें तो जल संकट जैसी गंभीर समस्या का समाधान संभव है तथा आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ एवं सुरक्षित जल उपलब्ध कराया जा सकता है। अंत में आभार समिति सचिव नरेन्द्र ने व्यक्त किया। इस अवसर पर उप सरपंच अरविन्द्र कुशवाह, रोजगार सहायक पुजारी सिंह, लाखन सिंह, रामविलास सिंह, आकाश सिंह, रामसिया, सोवरन सिंह, उत्तम सिंह, भूरे सिंह, हरगोविंद, फूला, रामकली, ऊषा, श्यामा, गुड्डी, मीरा, शांति सहित ग्रामीणजन उपस्थित रहे।


