– वार्ड क्र.14 में गुणवत्ताहीन बने नाले की कई बार खबरें प्रकाशित होने पर नहीं हुआ निराकरण
– खबर प्रशासन पर नगर इंजीनियर द्वारा की गई जांच, जांच में 8 माह पूर्व ठेकेदार को मरम्मत एवं पूर्ण नाला तैयार करने के दिए थे निर्देश
भिण्ड, 25 मई। नगर परिषद मालनपुर के वार्ड क्र.14 में कन्या शाला स्कूल से लेकर रिठौरा रोड तक लगभग 500 मीटर लंबाई में 18 लाखों रुपए के लगभग की लागत से कराया गया नाला निर्माण कार्य अब भ्रष्टाचार और गुणवत्ता हीन, लापरवाही के आरोपों के चलते विवादों में घिर गया है। वार्ड 14 में नाला बनने के बाद जगह-जगह अतिग्रस्त होकर गिर गया एवं कई जगह नाला का निर्माण पूर्ण रूप से हुआ ही नहीं, जिसको लेकर पूर्व में कई बार खबरें प्रकाशित की गई, जिसके आधार पर नगर परिषद इंजीनियर विजयश्री शर्मा द्वारा मौके पर जाकर मुआइन किया गया तो नाला गड़बड़ ही पाया गया, जिस पर अधिकारियों द्वारा ठेकेदार की सिक्योरिटी राशि गिफ्ट कर निर्माण नाला को पूर्ण मरम्मत एवं पूरी तरह बनाकर देने का नोटिस जारी किया गया, जिस पर आइटम कोई सनी खेड़ा द्वारा नहीं की गई क्षेत्रवासियों ने नगर परिषद के अधिकारियों एवं निर्माण एजेंसी पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि भ्रष्ट अधिकारियों के संरक्षण में घटिया निर्माण कार्य कराया गया, जिसके कारण नया बना नाला कुछ ही दिनों में टूटने और धंसने लगा है।
स्थानीय लोगों के अनुसार हाल ही में लाखों रुपए खर्च कर बनाए गए इस नाले में शुरुआत से ही गुणवत्ता की अनदेखी की गई। आरोप है कि निर्माण कार्य में घटिया सामग्री का उपयोग किया गया, जिसके चलते नाले की दीवारों में दरारें आने लगी हैं तथा कई जगहों पर सीमेंट उखड़ चुका है। कुछ स्थानों पर नाले की साइड वॉल झुकती दिखाई दे रही है, जिससे बरसात के मौसम में बड़े नुकसान की आशंका भी बढ़ गई है।
वार्ड वासियों का कहना है कि नाला बरसात के पानी की निकासी के लिए बनवाया गया था जबकि नाला सही ढंग से बना नहीं, जब से बना है उसमें नाली का पानी ही नहीं उतरा, नाले की वाटर लेवल भी नहीं है सही, वह भी सही से नहीं बना, पूरा पैसा अधिकारी एवं ठेकेदार खा गए, जब लाखों रुपये की लागत से बना निर्माण कार्य कुछ ही दिनों में खराब होने लगे तो यह सीधे तौर पर निर्माण कार्य में हुई अनियमितताओं और भ्रष्टाचार की ओर इशारा करता है। लोगों का आरोप है कि नगर परिषद के जिम्मेदार अधिकारियों ने निर्माण कार्य की सही तरीके से निगरानी नहीं की और केवल कागजी खानापूर्ति कर ठेकेदार को फायदा पहुंचाया गया।
स्थानीय नागरिकों ने यह भी आरोप लगाया कि निर्माण कार्य के दौरान तकनीकी मानकों का पालन नहीं किया गया। यदि समय रहते निष्पक्ष जांच नहीं हुई तो बरसात में पूरा नाला क्षतिग्रस्त हो सकता है, जिससे आसपास की सड़कों और मकानों को भी नुकसान पहुंच सकता है। क्षेत्रवासियों ने पूरे मामले की उच्च स्तरीय तकनीकी जांच कराने, निर्माण कार्य में शामिल अधिकारियों एवं ठेकेदार के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने तथा नाले का दोबारा गुणवत्तापूर्ण निर्माण कराने की मांग की है। लोगों का कहना है कि नगर परिषद मालनपुर में विकास कार्यों के नाम पर जनता के टैक्स के पैसे का दुरुपयोग लगातार सामने आ रहा है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई न होने से भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिल रहा है। अब जनता प्रशासन से निष्पक्ष कार्रवाई की उम्मीद लगाए बैठी है।
इनका कहना है:
”वार्ड 14 में 18 माह पूर्व के लगभग जो नाला निर्माण कराया था वह गुणवत्ताहीन पाए जाने पर उस ठेकेदार को नोटिस जारी कर सूचित किया जा चुका है और उसकी धनराशि जमा है। जब तक काम नाले का पूर्ण रूप से नहीं होगा तब तक राशि जब्ती में रहेगी।”
रेहान अली, सीएमओ नगर परिषद मालनपुर


