भिण्ड, 21 मई। महिला एवं बाल विकास विभाग के संभागीय संयुक्त संचालक डीके सिद्धार्थ गुरूवार की दोपहर अचानक आलमपुर पहुंचे और नगर में संचालित 16 में से 5 आंगनबाड़ी केन्द्रों का औचक निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान संयुक्त संचालक को किसी भी केन्द्र पर बच्चे मौजूद नहीं मिले, तो वहीं सभी आंगनबाड़ी केन्द्रों पर अव्यवस्थाएं सामने आईं, जिस पर उन्होंने सख्त नाराजगी व्यक्त करते हुए कार्रवाई की बात कही। इस दौरान सीडीपीओ लहार ज्योति तोमर, ब्लॉक कॉर्डिनेटर गिरीश शर्मा, शीलू राजावत समेत अन्य कर्मचारी मौजूद रहे। संयुक्त संचालक ने सबसे पहले वार्ड क्र.2 के आंगनबाड़ी केन्द्र का निरीक्षण किया। जहां कार्यकर्ता रामकुमारी कौरव बगैर सूचना के अनुपस्थित मिलीं। कारण पूछने पर सहायिका द्वारा उनको बाहर होना बताया गया। इसके बाद संयुक्त संचालक द्वारा वार्ड 6 के आंगनबाड़ी केन्द्र का निरीक्षण किया गया। जहां भी मौके पर कार्यकर्ता स्वीटी स्वामी नदारद पाई गईं। हालांकि जानकारी मिलते ही वह महज पांच मिनिट में केन्द्र पर पहुंची।
इसके बाद वह वार्ड क्र.5 के केन्द्र पर पहुंचे, जहां केन्द्र कार्यकर्ता के घर में चलता हुआ पाया गया।जिस पर सख्त नाराजगी व्यक्त करते हुये संयुक्त संचालक ने नोटिस जारी कर कार्यवाही करने की बात कही। संयुक्त संचालक द्वारा वार्ड क्र.3 और 4 के केन्द्रों का निरीक्षण किया गया। जहां दोनों केन्द्रों पर कार्यकर्ता और सहायिका तो मौजूद मिलीं, लेकिन दोनों केन्द्रों पर सामग्री का अभाव पाया गया और कोई भी बच्चा मौजूद नहीं मिला। वार्ड 4 की कार्यकर्ता आवश्यक जानकारी उपलब्ध नहीं करा सकीं, जिस पर नाराजगी व्यक्त करते हुए संयुक्त संचालक ने उनको जमकर फटकार लगाई। निरीक्षण के दौरान अधिकांश आंगनबाड़ी केन्द्रों के बाहर बोर्ड और मीनू चार्ट नहीं पाया गया, जिसको लेकर नाराजगी व्यक्त करते हुये दो दिवस के अंदर सभी केन्द्रों के बाहर बोर्ड लगवाने एवं मीनू चार्ट बनवाने के निर्देश सीडीपीओ ज्योति तोमर को मौके पर ही दिए।
संयुक्त संचालक द्वारा निरीक्षण के दौरान किसी भी केन्द्र पर बच्चों के लिये आने वाला पोषण आहार नहीं पाया गया। जानकारी लेने पर बताया गया कि समूह द्वारा नाश्ता तो कभी दिया ही नहीं जाता वहीं एक फरवरी से लेकर अब तक महज 13 दिन ही भोजन दिया गया है। जिसमें 9 दिन फरवरी के एवं 4 दिन मार्च के शामिल हैं। एक अप्रैल से आज तक भोजन ही नहीं आया। जिस पर नाराजगी व्यक्त करते हुए संयुक्त संचालक ने सीडीपीओ ज्योति तोमर को समूह पर कार्यवाही कर उसे हटाने के निर्देश दिए।
केन्द्रों से बच्चे पूरी तरह नदारद मिले
संयुक्त संचालक को निरीक्षण के दौरान सभी केन्द्रों से बच्चे पूरी तरह नदारद मिले। जिस पर नाराजगी व्यक्त करते हुये उन्होने कहा कि ये केन्द्र मुख्यत: बच्चों के लिए ही संचालित किये जा रहे हैं और बच्चे ही नहीं है। उन्होने कहा कि इसमें कार्यकर्ता और सहायिका की अरुचि स्पष्टत: समझ में आती है। निरीक्षण के दौरान भारी अनियमितताएं मिलने पर संयुक्त संचालक द्वारा जब सीडीपीओ ज्योति तोमर से नाराजगी व्यक्त की गई तो उनका कहना था कि हम तो रिपोर्ट भेजते हैं लेकिन जिला स्तर से कोई कार्यवाही नहीं की जाती है। संयुक्त संचालक ने ग्रामीण क्षेत्र के कुरथर और खुर्द गांव में संचालित सक्षम आंगनबाड़ी केन्द्रों का भी औचक निरीक्षण किया, जहां भी बच्चे पूरी तरह नदारद मिले, वहीं संयुक्त संचालक द्वारा शासन द्वारा प्रदान की जाने वाली 26 हजार रुपए की विशेष राशि को खर्च करने की जानकारी मांगी तो इसकी जानकारी दोनों ही कार्यकर्ता नहीं दे सकीं। जिस पर नाराजगी व्यक्त करते हुए संयुक्त संचालक ने कुरथर और खुर्द दोनों गांव की आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सैक्टर सुपरवाइजर सीमा शाक्य को तत्काल नोटिस जारी करने के निर्देश सीडीपीओ को दिए।
इनका कहना है:
आलमपुर में आंगनबाड़ी केन्द्रों की हालत बहुत खराब है, कार्यकर्ताओं से लेकर सुपरवाइजर को भी नोटिस जारी किए जाएंगे। अनियमितताओं को लेकर कलेक्टर को भी विस्तृत रिपोर्ट सौंपी जाएगी।
डीके सिद्धार्थ, संभागीय संयुक्त संचालक


