– महंगाई, बेरोजगारी, किसानों, महिलाओं, युवा एवं छात्रों की समस्याओं को लेकर ग्रामीण जिला कांग्रेस का विशाल जन आंदोलन 21 मई को
– आंदोलनकारी बैलगाड़ी, ऊंट गाड़ी, खच्चर गाड़ी, तांगा, बग्गियों और साइकिलों से कलेक्ट्रेट पहुंचकर राष्ट्रपति के नाम सौपेंगे ज्ञापन
भिण्ड, 18 मई। देश एवं प्रदेश में लगातार बढ़ती महंगाई,बेरोजगारी एवं किसानों, महिलाओं, युवाओं के साथ हो रहे अन्याय-अत्याचार तथा छात्रों के भविष्य के साथ हो रहे खिलवाड़ के विरोध में 21 मई को होने वाले विशाल जन आंदोलन की तैयारी को लेकर कांग्रेस कार्यालय पर ग्रामीण कांग्रेस कमेटी जिलाध्यक्ष रामशेष बघेल की अध्यक्षता में बैठक आयोजित की गई। जिसमें बताया गया कि आंदोलनकारी बैलगाड़ी, ऊंट गाड़ी, तांगा, खच्चर गाड़ी, साइकिलों से जिला कांग्रेस कार्यालय भारौली तिराहे से चलकर सुभाष तिराहा, परेड चौराहा होते हुए कलेक्ट्रेट परिसर पहुंच कर राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपेगे। कार्यक्रम में भाण्डेर विधायक फूलसिंह बरैया के अलावा प्रदेश एवं क्षेत्रीय वरिष्ठ नेता सम्लित होंगे।
बैठक को संबोधित करते हुए ग्रामीण कांग्रेस जिलाध्यक्ष रामशेष बघेल ने कहा कि यह जन आंदोलन भारत के पूर्व प्रधानमंत्री, आधुनिक भारत के शिल्पकार, दूरदर्शी नेतृत्वकर्ता एवं युवा सशक्तिकरण के प्रतीक स्व. राजीव गांधी की पुण्यतिथि के अवसर पर किया जाएगा। क्योंकि राजीव गांधी ने देश में आधुनिक तकनीक एवं युवा भारत की नींव रखकर राष्ट्र निर्माण में ऐतिहासिक योगदान दिया। उनके विचार आज भी देश के विकास एवं प्रगति का मार्गदर्शन करते हैं ।
उन्होंने भाजपा सरकार द्वारा आरजीपीवी यूनिवर्सिटी का नाम बदलने के प्रयास का कड़ा विरोध करते हुए कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री स्व. राजीव गांधी का नाम भारतीय इतिहास में उस दौर से जुड़ा है, जब देश ने तकनीकी और डिजिटल बदलाव की शुरुआती दिशा देखी। उनके समय में कंप्यूटर, टेलीकॉम और आधुनिक शिक्षा की नींव को आगे बढ़ाने की कोशिशों को भारत की विकास यात्रा का एक अहम हिस्सा माना जाता है। प्रदेश सरकार द्वारा आरजीपीवी यूनिवर्सिटी का नाम बदलने को लेकर जो चर्चा है, वह केवल नाम का बदलाव नहीं, बल्कि प्राथमिकताओं पर सवाल खड़ा करती है। आज जरूरत इस बात की है कि विश्वविद्यालयों में बेहतर फैकल्टी, आधुनिक लैब, रिसर्च अवसर और रोजगार से जुड़े कोर्स मजबूत किए जाएँ,ताकि युवा सिर्फ डिग्री नहीं, भविष्य भी हासिल कर सकें।
बघेल ने कहा कि 21 मई को उनकी पुण्य स्मृति को नमन करते हुए यह आंदोलन जनहित के ज्वलंत मुद्दों महंगाई, बेरोजगारी, किसानों की समस्याओं एवं युवाओं- छात्रों के भविष्य की सुरक्षा को लेकर जन आवाज को मजबूत करने हेतु आयोजित किया जा रहा है।
बैठक में जिन विषयों पर हुई, उसमें लगातार बढ़ती महंगाई एवं पेट्रोल-डीजल, गैस के बढ़ते दाम। युवाओं में बढ़ती बेरोजगारी एवं रोजगार के अवसरों की कमी। किसानों की फसल उचित मूल्य पर न खरीदे जाने की समस्या, किसानों को समय पर भुगतान न मिलना, किसानों की आय दोगुनी करने के वादों की वास्तविक स्थिति, किसानों पर बढ़ता आर्थिक संकट एवं कर्ज का बोझ। भ्रष्टाचार एवं जनहित की लगातार उपेक्षा। लगातार हो रहे पेपर लीक एवं परीक्षा घोटालों से छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़, नीट परीक्षा सहित विभिन्न परीक्षाओं में अव्यवस्थाओं से युवाओं में बढ़ती निराशा के विरोध में होने वाले विशाल जन आंदोलन की तैयारी, रूपरेखा एवं जनभागीदारी सुनिश्चित करने पर चर्चा की गई। साथ ही संगठन सृजन एवं संगठनात्मक संरचना को मजबूत करने, ब्लॉक एवं मंडलम कार्यकारिणीयों के गठन की समीक्षा एवं आगामी संगठनात्मक विषयों पर भी चर्चा हुई।


