भिण्ड, 18 मई।औद्योगिक क्षेत्र मालनपुर में हाईवे किनारे एसआरआई संचालित पब्लिक स्कूल शिक्षा विभाग के नियमों को ठेंगा दिखाकर चल रहा है। स्कूल परिसर में बिना किसी रजिस्ट्रेशन के अवैध कोचिंग सेंटर धड़ल्ले से संचालित हो रहा है, वहीं बच्चों की सुरक्षा के नाम पर भी बड़े-बड़े दावे खोखले साबित हो रहे हैं।
कैसे चल रहा नियम विरुद्ध खेल
सूत्रों के मुताबिक एसआरआई पब्लिक स्कूल में कोचिंग क्लास चलाई जा रही है। न तो कोचिंग का शिक्षा विभाग में रजिस्ट्रेशन है, न ही फीस और फैकल्टी की कोई जानकारी सार्वजनिक की गई है। कोचिंग रेगुलेशन एक्ट 2023 के तहत हर कोचिंग का रजिस्ट्रेशन अनिवार्य है, पर संचालक ने नियमों को ताक पर रख दिया है।
सुविधाओं का भी बुरा हाल
विद्यालय में बुनियादी व्यवस्थाएं भी नदारद हैं। खेल मैदान नहीं- बच्चों के शारीरिक विकास के लिए जरूरी मैदान का नामोनिशान नहीं, शौचालय की कमी- छात्रों की संख्या के हिसाब से शौचालय पर्याप्त नहीं, सुरक्षा उपाय शून्य- फायर सेफ्टी, सीसीटीव्ही कैमरे, इमरजेंसी एग्जिट जैसी कोई व्यवस्था नहीं। हाईवे पर स्कूल होने के बावजूद बच्चों की सुरक्षा के इंतजाम नहीं किए गए।
अधिकारियों की मेहरबानी पर सवाल
स्थानीय लोगों का आरोप है कि तमाम शिकायतों के बावजूद शिक्षा विभाग और प्रशासन के अधिकारी इस स्कूल पर मेहरबान बने हुए हैं। नियमों को ताक पर रखकर ‘डंके की चोट’ पर स्कूल और कोचिंग दोनों चलाए जा रहे हैं। जबकि नियमानुसार मान्यता के लिए खेल मैदान, पर्याप्त कमरे, शौचालय, लैब और सुरक्षा मानक पूरे करना जरूरी होता है।
क्या कहते हैं नियम
1. कोचिंग रेगुलेशन: बिना रजिस्ट्रेशन कोचिंग चलाने पर 1 लाख तक जुर्माना और संस्थान सील हो सकता है।
2. स्कूल मान्यता: सीबीएसई/ मप्र बोर्ड मान्यता के लिए 200 वर्गमीटर खेल मैदान, प्रति 40 छात्रों पर एक शौचालय अनिवार्य है।
3. सुरक्षा: फायर एनओसी और बिल्डिंग सेफ्टी सर्टिफिकेट जरूरी।
इनका कहना है:
”जन शिक्षा केन्द्र में 23 शासकीय स्कूल आते हैं, 15 से 16 के लगभग प्राइवेट स्कूल संस्थाएं हैं, उनकी मंशा अनुरूप सभी पर लगभग मान्यता है, किसी पर भी कोचिंग के लिए मंजूरी नहीं है अगर ऐसा है तो मैं देखूंगा।”
मेवाराम कुशवाह, जन शिक्षक केन्द्र प्रभारी मालनपुर”हमारे शिक्षण संस्था में कोई कोचिंग तीन-चार साल से नहीं चल रही है, जब से हमारे यहां कोई कोचिंग चालू नहीं है, हमारे पास नर्सरी से लेकर कक्षा आठवीं तक मान्यता है और खेलकूद का मैदान की समस्त व्यवस्था है और सारे बच्चों की सेफ्टी की सुरक्षा के उपकरण भी व्यवस्थित हैं।”
ग्याप्रसाद सिंह किरार, संचालक, एसआरआई पब्लिक स्कूल मालनपुर


