– दीनदयाल योजना और सौभाग्य विद्युत योजना के तहत ग्वालियर की कंपनी को मिला था मीटर लगाने का काम
भिण्ड, 17 मई। बिजली विभाग में लापरवाही और अनियमितता का एक मामला सामने आया है। आरोप है कि संबंधित कंपनी ने उपभोक्ताओं के यहां बिजली मीटर लगाए बिना ही भुगतान की राशि निकाल ली, लेकिन मामले की शिकायत के बाद भी अब तक जांच शुरू नहीं हो सकी है।
गौरतलब है कि फरवरी 2026 को ग्राम दतावली निवासी राजीव पाठक द्वारा उक्त मामले को लेकर मप्र मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड भोपाल के प्रबंध संचालक क्षितिज सिंघल और भिण्ड कलेक्टर किरोड़ी लाल मीना से शिकायत की गई थी। उन्होंने शिकायत के माध्यम से दोनों अधिकारियों को अवगत कराया था कि बिजली कंपनी भिण्ड द्वारा दीनदयाल योजना और सौभाग्य विद्युत योजना के अंतर्गत 11 केवी बिजली लाइन, ट्रांसफार्मर एवं एलटी लाइन का कार्य करने के साथ बिजली मीटर लगाए जाने का टेंडर एवं वर्क आर्डर जारी किया गया था। उक्त टेंडर व वर्क आर्डर ग्वालियर की एक प्राइवेट कंपनी को दिया गया था। वर्क ऑर्डर मीटर क्र.7110, 7046, 7047, 7100, 8258, 7163, 7059, 7046, 8048, 8088, 7353, 7111, 7503, 7081 और 7578 मीटर लगाने का हुआ था। लेकिन कंपनी द्वारा एक भी मीटर उपभोक्ताओं के यहां नहीं लगाए और उक्त वर्क ऑर्डर का फर्जी बिल लगाकर संबंधित प्राइवेट कंपनी ने बिजली कंपनी से राशि का भुगतान करा लिया। इसके अलावा प्राइवेट कंपनी द्वारा न तो केवी लाइन और एलटी लाइन खिंची गई, इसके अलावा जहां पर एलटी लाइन संबंधित प्राइवेट कंपनी द्वारा खिंची गई थी, वहां पर काम अधूरा छोड़ दिया गया। इसके अलावा प्राइवेट कंपनी द्वारा ट्रांसफार्मर भी नहीं रखे गए। इसका भी उक्त कंपनी ने फर्जी तरीके से राशि का भुगतान करा लिया। जबकि इस वर्क ऑर्डर में वर्क ऑर्डर नं.9174 और 9177 का कार्य बिजली कंपनी द्वारा पहले से ही करा लिया गया था। इधर राजीव पाठक का कहना है कि मेरे द्वारा शिकायत किए हुए करीब साढ़े तीन महीने हो चुके हैं। लेकिन अब-तक उक्त मामले को लेकर संबंधित अधिकारियों और बिजली कंपनी द्वारा जांच शुरू नहीं की गई है, अगर मामले की जांच निष्पक्ष जांच की जाए तो लाखों रुपए का घोटाला सामने आ सकता है।
जांच के लिखा जाएगा
”इस तरह के मामले में यदि शिकायत आई है, तो इसकी जांच के लिए बिजली कंपनी के एमडी को लिखा जाएगा।”
किरोड़ीलाल मीना, कलेक्टर


