भिण्ड, 17 मई। मप्र संविदा आउटसोर्स स्वास्थ्य कर्मचारी संघ प्रदेश व्यापी आह्वान चरणबद्ध आंदोलन के दूसरे चरण में 18 मई को समस्त जिलों में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय पर बड़ी संख्या में आउटसोर्स स्वास्थ्य कर्मचारी एकत्रित होकर अपनी प्रमुख मांगों को लेकर अपर मुख्य सचिव लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के नाम मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को ज्ञापन सौंपा जाएगा।
मप्र संविदा आउट सोर्स स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष कोमल सिंह ने प्रेस को जारी विज्ञप्ति में बताया कि मप्र लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग एवं एनएचएम अंतर्गत प्रदेश भर में सेवाएं दे रहे आउटसोर्स स्वास्थ्य कर्मचारियों को 5 से 6 माह भुगतान नहीं किया जा रहा है जिससे आर्थिक परेशानी से जूझ रहे हैं, फिर विभाग द्वारा नीति तैयार नहीं की गई, जबकि विभाग में हजारों समकक्ष पद रिक्त हैं, उन पदों पर स्थाई किया जाए, ठोस नीति तैयार कर न्यूनतम 26 हजार रुपए वेतन दिए जाने सहित अन्य प्रमुख मांगों को लेकर मप्र संविदा आउटसोर्स स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के आह्वान पर त्वरित प्रदेश व्यापी चरणबद्ध आंदोलन के दूसरे चरण में 18 मई को समस्त जिलों में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय परिसर में सैकड़ों की संख्या में आउट सोर्स स्वास्थ्य कर्मचारी एकत्रित होगे और अपर मुख्य सचिव लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के नाम मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को ज्ञापन सौंपा जाएगा। चेतावनी दी जाएगी कि शासन प्रशासन मांगों पर गंभीरता ले और शीघ्र निराकरण करें, क्योंकि गर्मी का मौसम है, सरकारी हॉस्पिटलों में बड़ी संख्या में मरीज पहुंच रहे हैं, आउटसोर्स स्वास्थ्य कर्मचारियों के हड़ताल पर जाने से मरीजों को जो भी असुविधा उत्पन्न होगी, उसकी संपूर्ण जिम्मेदारी स्वास्थ्य प्रशासन की होगी। तीसरे चरण में 25 मई को बड़ी संख्या में आउटसोर्स स्वास्थ्य कर्मचारी राजधानी के नीलम पार्क में एकत्रित होकर आउटसोर्स शोषण प्रथा दोहरी नीति को समाप्त करने एवं नौकरी की सुरक्षा न्यूनतम 26 हजार रूपए वेतन एवं स्थाई करने सहित अन्य प्रमुख मांगों को धरना प्रदर्शन नारेबाजी की जाएगी एवं उपमुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री राजेन्द्र शुक्ला को ज्ञापन सौंपा जाएगा। मांगो का निराकरण ना होने पर भूख हड़ताल शुरू की जाएगी।
आउटसोर्स कमर्चारियों की मांग है कि लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग एवं एनएचएम अंतर्गत सेवाएं दे रहे आउटसोर्स स्वास्थ्य कर्मचारियों को विभाग में रिक्त पदों पर स्थाई किया जाए। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन एवं रोगी कल्याण समिति के अधीन विगत कई वर्षों तक संविदा सपोर्ट स्टाफ कर्मचारी के रूप में विगत कई वर्षों तक सेवाएं दे चुके सपोर्ट स्टाफ कर्मचारियों को षड़यंत्र पूर्वक दोहरी नीति के तहत नीति के तहत आउटसोर्स ठेका प्रथा अधीन किए गए है उन संविदा सपोर्ट स्टाफ को रिक्त पदों पर स्थाई किया जाए। उत्तर प्रदेश, हरियाणा शासन की तरह मध्य प्रदेश में भी आउटसोर्स स्वास्थ्य कर्मचारियों के लिए ठोस नीति तैयार की जाए (निगम मंडल) बनाया जाए। लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग एवं एनएचएम अंतर्गत प्रदेश भर में सेवाएं दे रहे आउटसोर्स स्वास्थ्य कर्मचारियों के मानदेय में वृद्धि कर न्यूनतम 26 हजार रुपए किया जाए। श्रम विभाग द्वारा एक अप्रैल 2024 से वेतन वृद्धि की गई थी उक्त आदेश के अनुसार 11 माह का एरियर भुगतान शीघ्र कराया जाए। संविदा एवं नियमित कर्मचारियों की तरह सीएल एवं चिकित्सा अवकाश दिए जाने के आदेश जारी किए जाएं। नियमित तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी के पदों की भर्ती में आउटसोर्स स्वास्थ्य कर्मचारियों के लिए 50 प्रतिशत आरक्षण लागू किया जाए।
Sunday, May 31
BREAKING
- शादी के मंच को दूल्हा-दुल्हन ने बना लिया कुश्ती का अखाड़ा
- हनीट्रैप गैंग का पर्दाफाश, दो महिलाओं समेत 4 आरोपी गिरफ्तार
- मेहगांव पुलिस ने 10 हजार के इनामी दो हत्यारोपियों को किया गिरफ्तार
- अवैध मिट्टी उत्खनन करने पर जेसीबी व ट्रैक्टर जब्त
- खनिज कार्य में लगे वाहनों की चेकिंग, चालान कर 73 हजार का राजस्व वसूला
- बकरी पालन योजना में 9.60 लाख का गवन मामला दर्ज
- मोटर साइकिल फिसलने से किशोर गंभीर रूप से घायल
- ईद-उल-अजहा पर नमाज अता कर अमन चैन के लिए मांगी दुआ

