– कलेक्टर ने ली जिला पोषण समिति की बैठक
– घर-घर सर्वे और शत-प्रतिशत लाभ के दिए निर्देश
भिण्ड, 14 मई। महिला एवं बाल विकास विभाग के पोषण अभियान अंतर्गत जिला पोषण समिति की बैठक कलेक्टर किरोड़ीलाल मीणा की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित हुई। जिसमें कुपोषण मुक्त जिला बनाने के लिए ठोस रणनीति पर चर्चा हुई।
कलेक्टर किरोड़ीलाल मीणा ने निर्देशित किया कि योजनाओं का लाभ लेने के लिए हितग्राहियों से प्राप्त आवेदनों पर क्रमानुसार कार्यवाही कर लाभ दिया जाए। उन्होंने सभी सीडीपीओ को प्रतिदिन फील्ड मॉनिटरिंग करने और सुपर वाइजर को साथ ले जाने के निर्देश दिए गए। सुपर वाइजरों को निर्देशित किया गया कि वे आंगनबाड़ी केन्द्रों पर रोजाना पहुंचें तथा कार्यकर्ताओं के साथ घर-घर जाकर गर्भवती महिलाओं और कुपोषित बच्चों की जानकारी लें और रजिस्टर में दर्ज करें। कलेक्टर ने जोर देकर कहा कि अस्पतालों में जन्मे हर बच्चे को डिस्चार्ज के समय जन्म प्रमाण पत्र अनिवार्य रूप से प्रदान किया जाना सुनिश्चित करें।
कलेक्टर ने मुख्यमंत्री बाल आशीर्वाद योजना पर विशेष ध्यान केन्द्रित करने को कहा। योजना के तहत योग्य बच्चों को लाभ सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। जिन हितग्राहियों का आधार कार्ड नहीं बना है, उनके लिए विशेष कैंप आयोजित कर आधार बनवाने के आदेश जारी किए गए। एमएम बास्क की एंट्री शत-प्रतिशत पूर्ण करने पर बल दिया गया। उन्होंने मातृ वंदना योजना की विस्तृत समीक्षा की तथा सेम मेम बच्चों की स्थिति की जानकारी ली। कलेक्टर ने बैठक में कहा कि पोषण स्तर में सुधार लाना और कुपोषण को पूरी तरह समाप्त करना सभी का प्राथमिक दायित्व है। जिले को कुपोषण मुक्त बनाने के लिए टीम वर्क जरूरी है, आप सभी इस दिशा में गंभीरता से कार्य करें।


