– खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर
भिण्ड, 07 मई। दबोह क्षेत्र में गुरुवार की सुबह आई भीषण आंधी और तेज बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। इस प्राकृतिक आपदा का सबसे ज्यादा असर सड़क किनारे अस्थाई रूप से रह रहे गरीब परिवारों पर पड़ा है। तेज हवाओं के झोंकों ने लोहपीटा समाज के अस्थाई घरों झुग्गी-झोपड़ियों को तहस-नहस कर दिया।
जानकारी के अनुसार आंधी की रफ्तार इतनी तेज थी कि लोहपीटा परिवारों द्वारा बनाए गए तिरपाल और घास-फूस के छप्पर उड़ गए। घर में रखा खाने-पीने का सामान, अनाज और कपड़े पूरी तरह भीग कर खराब हो गए हैं तथा परिवार के घरेलू बर्तन और अन्य कीमती सामान भी हवा में उड़ गए।
खुले आसमान के नीचे बिताई रात
अचानक हुई इस तबाही के नीचे रह रहे लोह पीटा पीड़ित परिवारों के पास सिर छुपाने की भी जगह भी नहीं है। छोटे बच्चों और बुजुर्गों के साथ इन परिवारों ने खुले आसमान के नीचे और भीगते हुए गुजारी। पीड़ितों का कहना है कि उनकी मेहनत की कमाई से बनाया गया छोटा सा आशियाना पल भर में बिखर गया, जिससे उन्हें भारी आर्थिक नुकसान हुआ है।
प्रशासन से मदद की गुहार
प्रभावित परिवारों ने स्थानीय प्रशासन और नगर परिषद से मुआवजे तथा रहने के लिए उचित व्यवस्था की मांग की है। स्थानीय नागरिकों ने भी शासन से अपील की है कि इन गरीब परिवारों का सर्वे कर उन्हें तत्काल राहत सामग्री और तिरपाल उपलब्ध कराई जाए, ताकि वे दोबारा अपना गुजर-बसर शुरू कर सकें।


