– केन्द्रीय मंत्री सिंधिया ने ग्वालियर रेलवे स्टेशन पुनर्विकास कार्यों का किया निरीक्षण
– हेरिटेज और आधुनिकता के संगम से तैयार हो रहा रेलवे स्टेशन, अक्टूबर-नवंबर तक पूर्ण होने का लक्ष्य
ग्वालियर, 28 अप्रैल। केन्द्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री तथा गुना सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने ग्वालियर रेलवे स्टेशन के बहुप्रतीक्षित पुनर्विकास कार्यों का विस्तृत निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने डीआरएम सहित रेलवे अधिकारियों के साथ स्टेशन परिसर के विभिन्न हिस्सों का दौरा कर निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। सिंधिया ने प्लेटफार्म से लेकर कॉन्कोर्स, वेस्ट अराइवल, ईस्ट डिपार्चर, पार्किंग, टिकट कार्यालय और हेरिटेज भवन तक प्रत्येक कार्य का निरीक्षण कर समय सीमा में उच्च गुणवत्ता के साथ कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए।
ग्वालियर स्टोन और स्थानीय शिल्पकला से सजेगा स्टेशन
निरीक्षण के दौरान सिंधिया ने कहा कि रेलवे स्टेशन के विभिन्न हिस्सों में ग्वालियर स्टोन का उपयोग किया जाए, जिससे स्टेशन को स्थानीय सांस्कृतिक पहचान और स्थापत्य सौंदर्य मिल सके। उन्होंने विशेष रूप से प्रवेश द्वार और आर्च संरचनाओं के पुनर्स्थापन कार्य का निरीक्षण किया। उन्होंने सुझाव दिया कि ग्वालियर के शिल्पकार जिन पत्थरों पर नक्काशी करेंगे, उन पर वे अपने हस्ताक्षर भी अंकित करें, ताकि उनकी कला और पहचान सदैव संरक्षित रहे।
स्टेशन के हर हिस्से की प्रगति की समीक्षा
सिंधिया ने डीआरएम के साथ स्टेशन के मास्टर प्लान और नक्शों की समीक्षा करते हुए वेस्ट अराइवल, सेंट्रल रूफ, ईस्ट डिपार्चर, पॉलीकार्बोनेट शीट से बनने वाले स्काईलाइट अरेंजमेंट, फेसाड मॉकअप, जीएफआरसी क्लैडिंग कार्य और प्लेटफार्म निर्माण की प्रगति देखी। उन्होंने पूर्व और पश्चिम दिशा में बनाए जा रहे टिकट कार्यालयों एवं पार्किंग व्यवस्था का भी निरीक्षण किया। इसके बाद उन्होंने स्टेशन के कॉन्कोर्स और बैठने की व्यवस्था का निरीक्षण किया, जहां ग्वालियर स्टोन का कार्य पहले से किया जा चुका है। उन्होंने झांसी गेट फुटओवर ब्रिज का भी निरीक्षण किया।
निरीक्षण के बाद मीडिया से चर्चा करते हुए सिंधिया ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के सहयोग से ग्वालियर रेलवे स्टेशन देश के सबसे महत्वाकांक्षी रेलवे स्टेशन पुनर्विकास परियोजनाओं में से एक बन चुका है। उन्होंने कहा कि ग्वालियर स्टेशन केवल राष्ट्रव्यापी ही नहीं, बल्कि विश्वस्तरीय पहचान की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
सिंधिया ने बताया कि वर्ष 2021 में तत्कालीन रेल मंत्री पीयूष गोयल के साथ मिलकर कोविड काल के दौरान इस स्टेशन के डिजाइन की परिकल्पना की गई थी। उन्होंने कहा कि स्टेशन का पुराना हेरिटेज भवन, जो ग्वालियर की संस्कृति और विरासत का प्रतीक है, उसे संरक्षित रखते हुए आधुनिक स्टेशन का निर्माण किया जा रहा है। दोनों ओर आधुनिक प्लेटफार्म विकसित किए जा रहे हैं तथा फ्रंट और वेस्ट टर्मिनल दोनों ओर से एंट्री-एग्जिट की सुविधा उपलब्ध होगी। उन्होंने बताया कि परियोजना की लगभग 82 प्रतिशत प्रगति पूर्ण हो चुकी है। स्टेशन के एट्रियम और प्लेटफार्मों को जोड़ने वाले ऊपरी ढांचे का निर्माण लगभग तैयार है और जुलाई-अगस्त तक संपूर्ण स्ट्रक्चर तैयार हो जाएगा। इसके बाद आंतरिक कार्यों को और गति दी जाएगी।
दो नई लाइनों और नए प्लेटफार्म का निर्माण जारी
सिंधिया ने बताया कि स्टेशन पर नई लाइन नं.6 का निर्माण किया जा रहा है, जबकि लाइन नं.5 का जीर्णोद्धार कार्य जारी है। प्लेटफार्म 4-5 और 5-6 के बीच नए प्लेटफार्म भी विकसित किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि रेलवे मंत्रालय, डीआरएम कार्यालय और सभी संबंधित एजेंसियों के सहयोग से कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है और अक्टूबर-नवंबर 2026 तक स्टेशन को पूर्ण रूप से तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा कि यह स्टेशन, ग्वालियर की ऐतिहासिक पहचान, आधुनिक अधोसंरचना और यात्रियों की सुविधाओं का अद्भुत संगम बनेगी तथा आने वाले समय में शहर की नई पहचान के रूप में उभरेगी।


