– संतों की सनातन पदयात्रा चौथे दिन मिहोना से आलमपुर पहुंची
भिण्ड, 20 अप्रैल। जिले में संत समिति के जिला अध्यक्ष कालिदास महाराज के नेतृत्व में निकाली जा रही सनातन पदयात्रा सोमवार को चौथे दिन भी जारी रही। 17 तारीख शुक्रवार से शुरू हुई यह यात्रा सोमवार को मिहोना स्थित बालाजी मन्दिर से होते हुए शाम को दबोह के रणकौशला देवी मन्दिर पहुंची और वहां से आलमपुर की ओर रवाना हो गई, जो देर शाम आलमपुर पहुंची।
संत समाज इस यात्रा के माध्यम से जिलेभर के गांवों में जाकर सिंध नदी संरक्षण, गौ रक्षा, नशामुक्ति और बेटियों के सम्मान को लेकर सामाजिक जागरूकता का संदेश दे रहा है। सनातन यात्रा जिन-जिन क्षेत्रों और गांवों से गुजर रही है, वहां संत समाज ग्रामीणों को लगातार जागरूक कर रहा है। जगह-जगह आयोजित सभाओं के माध्यम से लोगों को नशा छोड़ने, बेटियों के प्रति सम्मानजनक व्यवहार अपनाने और गौवंश की सुरक्षा करने का संदेश दिया जा रहा है।
संत समिति के जिला अध्यक्ष कालिदास महाराज ने यात्रा के दौरान कहा कि पदयात्रा का मुख्य उद्देश्य सिंध नदी को बचाना, अवैध उत्खनन पर रोक लगाना, गौ रक्षा, बेटियों का सम्मान, समाज में भाईचारा बढ़ाना और नशा मुक्ति जैसे मुद्दों पर जनजागरण करना है। नदियां हमारे जीवन का आधार हैं, इसलिए इनके संरक्षण के लिए सभी को आगे आना चाहिए। यह पदयात्रा पूरे जिले में सकारात्मक बदलाव लाने और समाज में जिम्मेदारी की भावना विकसित करने के उद्देश्य से निकाली जा रही है। हमारा प्रयास है कि गांव-गांव पहुंचकर लोगों को जागरूक किया जाए और सामाजिक सुधार की दिशा में ठोस पहल हो।
17 को हुआ था यात्रा का शुभारंभ
यह पदयात्रा 17 अप्रैल शुक्रवार से भिण्ड शहर के बड़े हनुमानजी मन्दिर से प्रारंभ की गई थी, जिसका शुभारंभ दंदरौआ धाम के महंत महामण्डलेश्वर रामदास महाराज के सानिध्य में हुआ था। सोमवार को यात्रा की शुरुआत मिहोना स्थित बालाजी मन्दिर से हुई, जो लहार नगर से होते हुए दोपहर में कांक्सी मन्दिर पहुंची। यहां संतों ने विश्राम किया। इसके बाद शाम के समय यात्रा दबोह के रणकौशला देवी मन्दिर पहुंची और वहां से आलमपुर के लिए प्रस्थान किया।


