– जेल में हर महीने दिव्यांग परीक्षण शिविर लगाने के दिए निर्देश
– शेष दिव्यांग बंदियों के यूडीआईडी कार्ड बनाने पर भी दिया जोर
ग्वालियर, 19 अप्रैल। केन्द्रीय जेल में जिन दिव्यांग बंदियों के पास यूडीआईडी कार्ड (दिव्यांगता प्रमाण पत्र) नही हैं, उनके अभियान बतौर कार्ड बनाए जाएंगे। सामाजिक न्याय व दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग और जेल प्रशासन मिलकर केन्द्रीय जेल के दिव्यांगजनों के लिए सुगम्य जेल बनाने के लिए काम करेंगे। दिव्यांगजन आयुक्त डॉ. अजय खेमरिया ने रविवार को केन्द्रीय जेल के निरीक्षण के दौरान यह बात कही। केन्द्रीय जेल में दिव्यांगजन परीक्षण शिविर भी लगाया गया था। आयुक्त दिव्यांगजन ने जेल के विभिन्न बैरकों, अस्पताल, टॉयलेट ब्लाक, भोजनशाला आदि स्थलों का सुगम्यता की दृष्टि से अवलोकन कर रैम्प बनाने के लिए पृथक से प्रस्ताव भेजने के निर्देश भी जेल अधीक्षक को दिए।
इस अवसर पर आयुक्त दिव्यांगजन डॉ. खेमरिया ने जिला दिव्यांग पुनर्वास केन्द्र की टीम को निर्देश दिए कि जेल प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित कर प्रति माह दिव्यांग परीक्षण शिविर आयोजित किए जाएं। उन्होंने बंदियों से चर्चा के दौरान कहा कि प्रदेश के राज्यपाल मंगूभाई पटेल के निर्देश पर प्रदेशभर की जेलों को दिव्यांग फ्रेंडली बनाया जा रहा है। जेल अधीक्षक विदित सिरवैया ने बताया कि केन्द्रीय जेल में वर्तमान में 5 महिलाओं समेत 132 दिव्यांग बंदी हैं। इनके लिए दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम 2016 के तहत सुविधाएं उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है। जिला दिव्यांग पुनर्वास केन्द्र के आशीष शर्मा ने बंदियों को दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम के विविध प्रावधानों की जानकारी प्रदान की।

