– राष्ट्रपति को भेजा 8 सूत्रीय ज्ञापन
भिण्ड, 16 अप्रैल। देश का विकास मजदूरों की मेहनत, उद्योगपतियों का साहस और सरकारों की नीतियों से मिलकर होता है, इसलिए तीनों के बीच कोई समस्या है तो तीनों को मिलाकर सौहार्दपूर्ण वातावरण में बातचीत के माध्यम से श्रमिकों की समस्या का समाधान हो जाता था, यदि प्रबंधन और भाजपा डबल इंजन सरकार बातचीत के दरवाजे श्रमिकों के लिए बंद कर देती है तो विवश होकर श्रमिकों को आंदोलन करना होता है। गुरु ग्राम मानेसर नोयडा गाजियाबाद के श्रमिक कर्मचारियों के आंदोलन को भाजपा डबल इंजन सरकार पुलिस दमन से दबाना चाहती है, जो अलोकतांत्रिक है। सेंटर ऑफ इंडियन ट्रेड यूनियंस सीटू ने राष्ट्रव्यापी विरोध कार्रवाई में मालनपुर औद्योगिक क्षेत्र के श्रमिकों ने भागेदारी कर विकास भवन में श्रम पदाधिकारी नम्रता सोनी के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम 8 सूत्रीय ज्ञापन भेजा सौंपा।
ज्ञापन में मांग की गई है कि उत्तर प्रदेश, हरियाणा भाजपा राज्य सरकार ने श्रमिकों की न्यायोचित आवाज को दवाने के लिए श्रमिकों पर पुलिस दमन एवं श्रमिकों और नेताओं को जेलों में डाला जा रहा है, जेलों में बंद सभी आंदोलन कारियों को बिना शर्त रिहा करो, दर्ज मुकद्दमा वापस लो, मिनिमम बैज 26 हजार रुपए मासिक दो, 8 घण्टे काम से बढ़ाकर 12 घण्टे काम करने का कानून रद्द करो, श्रमिकों की समस्याओं का समाधान पुलिस की ताकत से नहीं हो सकता, श्रमिकों, कर्मचारियों, प्रबंधक एवं श्रम पदाधिकारी के वार्ता से संभव है। मालनपुर औद्योगिक क्षेत्र सहित देश में श्रमिकों के कार्य स्थलों पर सुरक्षा विश्राम एवं आवास की उचित व्यवस्था की जाए, कारखाना चलाने के लिए स्थाई पद स्वीकृत होते हैं, उनकी जगह अस्थाई ठेका आउटसोर्स फिक्स टाइम भर्तियां बंद की जाए, मप्र उच्च न्यायालय द्वारा श्रमिकों के हितों में मिनिमम वेतन निर्धारण करने का फैसला दिया था, जिसे मप्र भाजपा सरकार और अनेक औद्योगिक क्षेत्रों में लागू नहीं किया है, समय रहते मप्र में उच्च न्यायालय का निर्णय लागू करने में देरी की तो मप्र में भी उप्र, हरियाणा की तरह श्रमिकों द्वारा आंदोलन किया जा सकता है, जिसकी जिम्मेदारी भाजपा राज्य सरकार की होगी। ज्ञापन देने वालों जिला कार्यकारिणी अध्यक्ष देवेन्द्र कुमार शर्मा, जिला महासचिव अनिल दौनेरिया, जिला कमेटी सदस्य चौखेलाल, हरगोविंद जाटव, बीरेन्द्र सिंह कुशवाहा, श्रीलाल माहौर, विजेन्द्र गिल, रमेश सविता आदि उपस्थित रहे।


