– दबोह में खरीदी केन्द्र न बनने से किसानों में रोष, भीषण गर्मी में बाहर जाने को मजबूर
– किसानों ने प्रेसवार्ता कर शासन से लगाई गुहार
भिण्ड, 15 अप्रैल। दबोह क्षेत्र में शासन द्वारा अभी तक खरीदी केन्द्र स्थापित न किए जाने को लेकर किसानों में गहरा आक्रोश देखने को मिल रहा है।
क्षेत्र के किसानों का कहना है कि दबोह जैसे बड़े कृषि क्षेत्र में खरीदी केन्द्र न होने के कारण उन्हें अपनी मेहनत की उपज बेचने के लिए दूसरी जगह व अन्य केन्द्रों तक जाना पड़ रहा है। इससे किसानों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इसी समस्या को लेकर क्षेत्र के किसान नेताओं ने लहार एसडीएम को एक आवेदन देकर व प्रेसवार्ता आयोजित कर शासन और प्रशासन से दबोह में जल्द से जल्द खरीदी केन्द्र स्थापित करने की मांग उठाई। प्रेसवार्ता में किसान नेता रमाशंकर सिंह चौधरी, शिवनारायण दुबे बल्लू बकील, पूर्व जनपद अध्यक्ष लहार रामेश्वर दयाल कौरव, कृषक समाज जिला दतिया के अध्यक्ष नरेन्द्र यादव प्रमुख रूप से मौजूद रहे।
इस दौरान किसान नेता रमाशंकर सिंह ने कहा कि वर्तमान समय में भीषण गर्मी पड़ रही है और ऐसे में किसानों को अपनी गेहूं सहित अन्य फसल ट्रैक्टर-ट्रॉली या अन्य वाहनों से कई किमी दूर खरीदी केन्द्रों तक ले जानी पड़ रही है। इससे किसानों का समय और पैसा दोनों बर्बाद हो रहे हैं, वहीं मजदूरी और परिवहन का खर्च भी बढ़ता जा रहा है। उन्होंने बताया कि दबोह क्षेत्र पूरी तरह कृषि पर निर्भर है और यहां बड़ी संख्या में किसान गेहूं, चना, सरसों सहित अन्य फसलें पैदा करते हैं। इसके बावजूद यहां खरीदी केन्द्र आलमपुर व बरौआ में बनाये गए और दबोह में केन्द्र की व्यवस्था न होना किसानों के लिए बड़ी समस्या बन गई है। कई बार किसानों को लंबी लाइनों में खड़ा रहना पड़ता है और देर रात तक अपनी बारी का इंतजार करना पड़ता है। किसानों का यह भी कहना है कि दूर स्थित खरीदी केन्द्रों पर जाने से ट्रैक्टर-ट्रॉली का किराया बढ़ जाता है, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है। वहीं गर्मी के कारण किसानों और मजदूरों को स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां भी झेलनी पड़ रही हैं।
वहीं शिवनारायण दुबे ने बताया कि कई किसानों ने यह भी बताया कि लंबी दूरी तय करने के कारण फसल को समय पर बेच पाना मुश्किल हो रहा है, जिससे उन्हें अतिरिक्त चिंता का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि दबोह केन्द्र न बनाए जाने से शासन की मंशा समझ से परे है, आखिर दबोह को क्यों केन्द्र बनाने से अछूता रखा गया। उन्होंने कहा कि जो किसान का गेंहू खरीदा जाता है उसे शासन के खरीदी केन्द्र पर ही गल्ला मण्डियों में खरीदा जाए, वहीं आलमपुर में खरीदी केन्द्र पर हुए भ्रष्टाचार को लेकर उन्होंने मण्डी व प्रभारियों की मिलीभगत बताई है।
रामेश्वर कौरव ने कहा कि शासन अन्नदाताओं को यूं परेशान कर रही है यह पूर्ण रूप से गलत है। वहीं नरेन्द्र यादव ने कहा कि क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों के दुर्भाग्य है कि वह क्षेत्र की जनता का नेतृत्व नही कर पा रहे हैं, क्षेत्र के किसान के लिए क्षेत्र में खरीदी केन्द्र न बन पाना किसानों के लिए बड़ी समस्या है। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों के दायित्व बनता है कि जिस तरह जनता ने भरोसा रखकर उन्हें चुना गई उसी तरह वह जनता की सुनें और समस्या को दूर करें।
प्रेसवार्ता के दौरान किसान नेताओं ने शासन से मांग की कि दबोह क्षेत्र के किसानों की समस्याओं को गंभीरता से समझते हुए न्यूनतम समर्थन मूल्य खरीदी केन्द्र को नरौल, बरौआ से हटाकर दबोह में स्थापित किया जाए। उन्होंने कहा कि यदि दबोह में खरीदी केन्द्र बनाया जाता है तो आस-पास के कई गांवों के किसानों को इसका सीधा लाभ मिलेगा और उन्हें अपनी उपज बेचने के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। किसान नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही इस समस्या का समाधान नहीं किया गया तो किसान मजबूर होकर आंदोलन का रास्ता अपनाने पर विचार करेंगे। उन्होंने कहा कि किसान कुछ समय से लागतार अपनी मांग उठा रहे हैं, लेकिन अब तक इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है, जिससे किसानों में नाराजगी लगातार बढ़ती जा रही है। किसानों ने उम्मीद जताई कि शासन और प्रशासन उनकी समस्या को समझते हुए जल्द ही दबोह में खरीदी केन्द्र स्थापित करने का निर्णय लेगा, जिससे क्षेत्र के हजारों किसानों को राहत मिल सकेगी। प्रेसवार्ता में विजय सिंह बघेल संसीगढ़, शिवराज कौरव, चंदन सिंह दौहरे जगदीशपुरा, भगवान दास, शिवकांत भटेले, रविन्द्र दीक्षित आदि किसान मौजूद रहे।


