– कलेक्टर ने मौके पर खड़े होकर लगवाया बोर्ड
भिण्ड, 31 मार्च। आलमपुर उप तहसील के गांगेपुरा मौजे में स्थित जमीन पर दो पक्षों के बीच चल रहे जमीनी विवाद के मामले में हाईकोर्ट ग्वालियर द्वारा 25 हैक्टेयर से ज्यादा जमीन के लिए भिण्ड कलेक्टर किरोड़ीलाल मीणा को रिसीवर नियुक्त कर पूरी जमीन को अधीन कर लिया गया है। मामले का निपटारा न होने तक उक्त जमीन को किसी भी पक्ष द्वारा उपयोग नहीं किया जा सकेगा।
जानकारी के अनुसार आलमपुर थानांतर्गत आने वाले गांगेपुरा मौजे में स्थित जमीन पर आलमपुर निवासी रामस्वरूप कौरव का गांगेपुरा निवासी हरीमोहन कौरव और उनके परिजनों से बंटवारे को लेकर काफी समय से विवाद चल रहा है। जिसमें से कुछ जमीन पूर्व में ही दूसरे पक्ष द्वारा बेच दी गई थी। हाईकोर्ट ग्वालियर ने पिछली रजिस्ट्रियों को शून्य घोषित करते हुए मामले का निपटारा न होने तक भिण्ड कलेक्टर को पूरी 126 बीघा का जमीन रिसीवर नियुक्त कर दिया और पूरी जमीन को अधीन करने के आदेश जारी कर दिए।
इसके बाद मंगलवार की शाम कलेक्टर किरोड़ीलाल मीणा सीधे गांगेपुरा पहुंचे और पूरी जमीन का निरीक्षण किया। इस दौरान एसडीएम विजय सिंह यादव, तहसीलदार दीपक शुक्ला, नायब तहसीलदार अरविन्द शर्मा समेत पूरा राजस्व अमला मौजूद रहा। कलेक्टर ने लगभग एक घण्टे तक अलग-अलग हिस्सों में बंटी हुई जमीन को जगह-जगह जाकर देखा। कलेक्टर द्वारा विवादित जमीन को लेकर हाईकोर्ट के आदेश का हवाला देते हुए मौके पर ही एक बड़ा बोर्ड भी लगवा दिया गया। इस दौरान कलेक्टर ने लोगों को स्पष्ट रूप से निर्देशित करते हुए कहा कि अगर किसी के द्वारा उक्त जमीन या उसमें खड़ी हुई फसल का उपयोग किया जाता है, तो उसके विरुद्ध कठोर दण्डात्मक कार्रवाई की जाएगी।
बंटाई पर जमीन होने से किसान परेशान
जानकारी के अनुसार पूरी जमीन बंटाईदारों द्वारा की जा रही थी, जिसका भुगतान वह पहले ही भूमी मालिकों को कर चुके हैं। लेकिन अब हाईकोर्ट के आदेश के अनुसार वह लोग फसल को नहीं काट सकते, जिससे बंटाईदार किसान काफी परेशान हैं। क्योंकि प्रत्येक किसान को लाखों रुपए का नुकसान हो रहा है। हाईकोर्ट द्वारा दोनों पक्षों के बीच विवादित 30 सर्वे नंबरों को लेकर यह आदेश जारी किया गया है। इन 30 सर्वे नंबरों पर मौजूद 126 बीघा जमीन को लेकर कलेक्टर को रिसीवर नियुक्त किया गया है। मौके पर चल रही कार्रवाई के दौरान ही हरिमोहन कौरव ने भूमि से संबंधित एक आवेदन कलेक्टर किरोड़ीलाल मीणा को देना चाहा। लेकिन कलेक्टर ने हाईकोर्ट के आदेश का हवाला देते हुए आवेदन लीगल तौर पर कार्यालय में देने की कहते हुए मौके पर आवेदन लेने से मना कर दिया।
नहीं होगा नुकसान
इस दौरान कलेक्टर किरोड़ीलाल मीणा ने कहा कि जमीन पर जो फसल खड़ी है उसे कटवाकर नियमपूर्वक नीलाम करवाया जाएगा। जिसकी राशि पूरे ब्यौरे के साथ हाईकोर्ट में जमा की जाएगी और फैसला होने पर संबंधित पक्ष को वह राशि सौंप दी जाएगी। इसके लिए कलेक्टर द्वारा पंचायत सचिव और हल्का पटवारी को नियुक्त कर दिया गया है।


