भिण्ड, 24 मार्च। शांतिकुज हरिद्वार महिला सशक्तीकरण के तहत महिलाओं को प्रोत्साहन देने के उद्देश्य को सार्थकता प्रदान करने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं, लेकिन उपजोन प्रभारी की हठधर्मिता के कारण अभी गठित हुई जिला समन्वयक समिति में महिलाओं को स्थान ही नहीं दिया गया, जिसके चलते गोहद गायत्री शक्तिपीठ के सदस्यों में काफी आक्रोश है। जिसके चलते आयोजित बैठक में उपजोन प्रभारी को हटाने की मांग की।
गायत्री शक्तिपीठ गोहद पर गायत्री परिवार तहसील समन्वय समिति की आवश्यक बैठक आयोजित की गई, जिसमें समिति के तहसील समन्वयक सहित सभी सदस्यों ने अपना त्यागपत्र देकर समिति को भंग कर दिया। इस संबंध में गायत्री परिवार के संरक्षक शैलेंद्र भदौरिया ने बताया कि 22 मार्च को भिण्ड में जिला समन्वय समिति का निर्वाचन किया गया, जिसमें भिण्ड की बहनों के साथ एवं वरिष्ठ कार्यकर्ताओं जो कि विभिन्न तहसीलों गोरमी, फूफ, गोहद आदि से बुलाए गए थे, उन्होंने अपनी बात रखनी चाही तो जिला समन्वयक व उपजोन समन्वयक ने अपनी हटधर्मिता के कारण उनके साथ अभद्रता की। यह बात जिला समन्वयक द्वारा की गई होती तो कोई बात नहीं, यह कार्य तो वह पिछले 15 वर्षों से करते आ रहे हैं पर उपजोन समन्वयक जोकि शांतिकुंज के प्रतिनिधि के रूप में कार्य कर रहे हैं ने महिलाओं और वरिष्ठ कार्यकर्ता का अपमान किया है, यह शांतिकुंज हरिद्वार के लिए भी सोचने कि बात है कि उनका प्रतिनिधि इस तरह की बात करें।
भदौरिया ने कहा कि कार्यकर्ताओं की मांग थी कि माताजी का शताब्दी वर्ष मनाया जा रहा है और मिशन नारी शक्तिकरण पर जोर दे रहा है, अत: जिला समन्वयक किसी महिला को बनाया जाए, जबकि जिला समन्वय समिति में किसी महिला को स्थान नहीं दिया गया, यह गायत्री परिवार जिला भिण्ड के लिए निंदनीय कृत्य है, लेकिन उपजोन प्रभारी की हटधर्मिता के कारण जिले के वरिष्ठ कार्यकर्ताओं और महिलाओं को बोलने से रोका गया और बेइज्जत किया गया। इस अशोभनिय कृत्य से दुखी होकर गोहद की तहसील समन्वय समिति से इस्तीफा देकर उसे भंग किया और कहा कि आज के बाद किसी भी जिला या उपजोन की कोई बात नहीं मानेंगे, हमारे यहां ट्रस्ट है उस ट्रस्ट की बात मानेंगे, शांतिकुंज को जो भी दिशा निर्देश देने हैं वह सीधा ट्रस्ट को दें, जिन्हें पालन किया जाएगा।
भदौरिया ने कहा कि अभी नवरात्र चल रहे हैं, उसके बाद जिले के सभी कार्यकर्ताओं की एक बैठक बुलाकर उनसे संपर्क कर जिले से लगभग 100 कार्यकर्ता शांतिकुंज जाएंगे और मांग करेंगे कि जिले की समिति में महिला को जिला सामन्वयक बनाकर उच्च स्थान दिया जाए एवं उपजोन में राजनीति फैला रहे उपजोन प्रभारी को तुरंत हटाया जाए। बैठक में गायत्री परिवार के सदस्य उपस्थित थे।
Sunday, April 5
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