भिण्ड, 20 मार्च। मध्य प्रदेश में भी आउटसोर्स कर्मचारियों को एक अप्रैल 2026 से भारत सरकार के नए श्रम कानून वेतन वृद्धि सहित पूरी तरह से लागू किए जाएं। यह बात मप्र संविदा आउटसोर्स स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष कोमल सिंह ने प्रेस को जारी विज्ञप्ति में कही।
उन्होंने बताया कि सरकार के घोषणा के मुताबिक प्रदेश में स्वास्थ्य विभाग सहित अन्य सभी शासकीय विभागों में 3 लाख से अधिक आउटसोर्स के जरिए कर्मचारी कार्यरत हैं। मप्र में अन्य राज्यों की तुलना में बहुत कम मानदेय दिया जा रहा है। भारत सरकार के नए श्रम कानून मप्र पूरी तरह से लागू किए जाएं तो आर्थिक स्थिति में सुधार होगा, 10 से 11 हजार तक वेतन में वृद्धि लाभ मिलेगा। आउटसोर्स कर्मचारियों का मानदेय बढ़ाने का अब इसे अमल में लाते हुए नई दरें अप्रैल 2026 से जारी की जाएं, नई व्यवस्था के तहत 21 हजार से लेकर 24 हजार रुपए तक मिलने की उम्मीद की जा रही है। प्रदेश के लाखों आउटसोर्स कर्मचारी महंगाई दर में लगातार वृद्धि हो रही है, जिससे आउटसोर्स कर्मचारी की आर्थिक स्थिति खराब होने के कारण घर परिवार का खर्चा चलाना बहुत ही मुश्किल हो गया है। मप्र संविदा आउटसोर्स स्वास्थ्य कर्मचारी संघ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से अपील करता है कि भारत सरकार के नए श्रम कानून मप्र में एक अप्रैल 2026 से पूरी तरह से लागू किए जाएं, जिससे 21 हजार से लेकर 24 हजार रुपए मिलने की उम्मीद है एवं परिवार की आर्थिक स्थिति में सुधार होगा।
Saturday, August 1
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