– सच्चाई से काम करें तो पद की गरिमा स्वत: बढ़ जाती है : नरेन्द्र सिंह
– विक्रमोत्सव 2026 के अंतर्गत सूर्य उपासना कार्यक्रम आयोजित
भिण्ड, 19 मार्च। मप्र शासन एवं जिला प्रशासन द्वारा विक्रमोत्सव 2026 के अंतर्गत सूर्य उपासना कार्यक्रम नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री राकेश शुक्ला एवं विधायक भिण्ड नरेन्द्र सिंह कुशवाह के मुख्य आतिथ्य में निराला रंग बिहार मेला ग्राउण्ड में आयोजित किया गया। जिसका शुभारंभ अतिथियों ने मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण, दीप प्रज्ज्वलित कर एवं कन्या पूजन कर किया। अतिथियों एवं प्रस्तुति दल द्वारा मंच पर ब्रह्म ध्वज का वंदन किया गया। इस दौरान नगर परिषद गोरमी अध्यक्ष, जनपद पंचायत भिण्ड अध्यक्ष, कलेक्टर किरोड़ीलाल मीणा, डीआईजी/ एसपी डॉ. असित यादव, सीईओ जिला पंचायत, अपर कलेक्टर एलके पाण्डेय, एसडीएम सहित अन्य अधिकारी, जनप्रतिनिधिगण, गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
ब्रह्म ध्वज वंदन के उपरांत उद्घोषक द्वारा विक्रम संवत की भूमिका के बारे में बताया गया। सूर्य उपासना अंतर्गत नाट्य प्रस्तुति सम्राट विक्रमादित्य का मंचन नाट्य दल निर्देशन अनिरुद्ध तिवारी, प्रस्तुति अनुकृति समाजसेवा समिति ग्वालियर द्वारा किया गया। जिसमें नाट्य प्रस्तुति द्वारा बताया गया कि चक्रवर्ती सम्राट विक्रमादित्य का जन्म 101 ईसा पूर्व हुआ था। उनके पिता राजा गंधर्वसेन एवं माता सौम्यदर्शना थी। महाराज विक्रमादित्य के भाई भर्तृहरित भर्तृहरि ने वैराग्य धारण कर जब राज्य त्याग दिया तो विक्रमादित्य ने शासन संभाला। इसके बाद उन्होंने विक्रम संवत की शुरुआत कर अपने राज्य के विस्तार का आरंभ किया। महाराज विक्रमादित्य ने भारत की सभी दिशाओं में एक अभियान चलाकर भारत को विदेशी शासकों और अत्याचारी राजाओं से मुक्त कर चक्रवर्ती सम्राट बने। कार्यक्रम में चक्रवर्ती सम्राट विक्रमादित्य की ज्ञान, वीरता और उदारशीलता एवं सिंहासन बत्तीसी से जुड़ी हुई कहानियों पर आधारित प्रस्तुति दी गई।
नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री राकेश शुक्ला ने हिंदू नववर्ष, गुड़ी पड़वा एवं चैत्र नवरात्रि पर्व पर सभी को शुभकामनाएं दीं। विक्रमोत्सव 2026 के सूर्य उपासना कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम सांस्कृतिक पुनरुत्थान का प्रतीक है। उन्होंने मंच पर प्रस्तुति दल के बच्चों की तारीफ की। चक्रवर्ती सम्राट विक्रमादित्य के जीवन, ज्ञान, वीरता और उदारशीलता पर आधारित इन प्रस्तुतियों को देखकर गर्व से कह सकते हैं कि भारत का भविष्य सुनहरा, वीरता भरा और गौरवान्वित होगा, उन्होंने कहा कि बच्चों की ऊर्जा ने दर्शकों को भावुक कर दिया। उन्होंने सम्राट विक्रमादित्य की आत्मकथा पर आधारित प्रदर्शन का विशेष उल्लेख किया। इसे हम अपने जीवन में आत्मसात करें। गुड़ी पड़वा नववर्ष संवत् 2083 पर उन्होंने संकल्प दिलाया कि अपने परिवार और बच्चों को विक्रमादित्य के जीवन के विभिन्न पहलुओं से प्रेरित करें।
विधायक नरेन्द्र सिंह कुशवाह ने कहा कि व्यक्ति को अपने कर्तव्यों के प्रति खरा उतरना चाहिए। जो जिसकी जिम्मेदारी है, उसे ईमानदारी से निभाएं। उन्होंने विक्रमादित्य जैसा नाटक का जिक्र करते हुए बताया कि नाटक से बहुत कुछ सीखने को मिलता है। अगर सच्चाई से काम करें तो पद की गरिमा स्वत: बढ़ जाती है। उन्होंने कहा कि आज हिन्दू नववर्ष विक्रम संवत 2083 का प्रारंभ हुआ है। उन्होंने कहा कि नए संवत में कर्तव्य पालन से समाज मजबूत बनेगा, ईमानदारी और निष्ठा से विकास संभव है।


