– एफआईआर से बढ़ा तनाव, टोल वसूली और हादसों पर जनता में आक्रोश
भिण्ड, 19 मार्च। नेशनल हाईवे-719 पर संचालित बरैठा टोल प्लाजा पर सोमवार को हुए आंदोलन के दौरान सीसीटीवी कैमरे तोड़े जाने के मामले में बसपा नेता समेत कई लोगों पर मामला दर्ज होने के बाद विरोध के क्रम में पिछले दो दिनों से शहर के कोतवाली थाने के सामने समाजसेवियों द्वारा अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन किया जा रहा है।
इसी क्रम में गुरुवार को प्रदर्शनकारियों ने अनोखा विरोध जताते हुए सरकार का प्रतीकात्मक पुतला बनाकर उसे फंदे पर लटका दिया। समाज सेवियों का कहना है कि यह अंधी सरकार है, जिसे जनता की समस्याएं दिखाई नहीं दे रहीं, इसलिए पुतले को फांसी के फंदे पर लटकाकर विरोध दर्ज कराया गया। उधर श्रीराम सेना के जिला अध्यक्ष रोमी चौहान ने बुधवार को सिर मुंडन कर सरकार का पिंडदान किया और अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गए हैं। उन्होंने कहा कि जब तक मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, आंदोलन जारी रहेगा। आंदोलनकारियों का कहना है कि जिस टोल प्लाजा का कार्यकाल वर्ष 2025 में समाप्त हो चुका है, उसे गलत तरीके से 2028 तक वसूली की अनुमति दे दी गई है, जो एक बड़ा घोटाला है। समाज सेवियों का कहना है कि हाईवे को सिक्स लेन बनाने की मांग लंबे समय से की जा रही है। संत समाज द्वारा रोड नहीं तो टोल नहीं आंदोलन किए जाने पर कुछ समय के लिए टोल फ्री किया गया था, लेकिन बाद में फिर वसूली शुरू कर दी गई। विरोध करने पर आंदोलनकारियों पर झूठी एफआईआर दर्ज की जा रही है।


