भिण्ड, 08 मार्च। दबोह नगर के मौजूदा सरकारी नक्शे और सैटेलाइट मैप में बड़ी विसंगति का मामला सामने आया है। इस संबंध में स्थानीय निवासी रामलखन कुरचानिया ने जिला कलेक्टर को पत्र लिखकर निष्पक्ष जांच की मांग की है।
शिकायतकर्ता का दावा है कि नक्शों में तकनीकी खामी के कारण कई दशक पुरानी सरकारी इमारतें अवैध घोषित होने की कगार पर आ सकती हैं। शिकायत में बताया गया है कि दबोह का मौजूदा नक्शा और सैटेलाइट नक्शा उत्तर दिशा की ओर 66 फीट और पूर्व दिशा की ओर करीब 22 फीट खिसका हुआ है। इस तकनीकी गड़बड़ी के कारण आज तक रोवर मशीन द्वारा सही सीमांकन नहीं हो सका है। यदि इसी गलत नक्शे के आधार पर रिपोर्ट तैयार की जाती है, तो अस्पताल, थाना, स्कूल, नगर परिषद और बैंक जैसी करीब 60 साल पुरानी सरकारी इमारतें कागजों में अतिक्रमण की श्रेणी में आ जाएंगी। वहीं पत्र क्र.9273 दि. 4 सितंबर 2024 के पालन में कलेक्टर द्वारा गठित राजस्व निरीक्षक दबोह हल्का पटवारी 54 के साथ दल गठित कर 24 जनवरी 2025 को सीमांकन कराया गया। जो संबंधित विभाग न्यायालय को नही भेजा गया।
राजस्व टीम पर भ्रष्टाचार के आरोप
शिकायत पत्र में राजस्व टीम के आरआई विनोद दोहरे पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। शिकायतकर्ता का कहना है कि सीमांकन के दौरान टीम ने भौतिक प्रतीकों का मिलान नहीं किया। आरोप है कि पैसे लेकर गलत तरीके से सर्वे नं.767 और 763 का सीमांकन कर दिया गया। शिकायतकर्ता ने दावा किया है कि उनके पास इस पूरी बातचीत की ऑडियो/ वीडियो रिकार्डिंग मौजूद है, जिसे वे प्रमाण स्वरूप पेश करने को तैयार हैं।
कलेक्टर से निष्पक्ष जांच की मांग
आवेदक ने कलेक्टर से मांग की है कि रोवर सीमांकन की निष्पक्ष जांच कराई जाए और पुराने स्थापित सरकारी सर्वे नंबरों की बाउण्ड्री से मिलान कर सैटेलाइट नक्शे को सुधारा जाए।
इनका कहना है:
”अगर नक्शा नहीं सुधारा गया, तो शासन की बेशकीमती संपत्तियों को अपूर्णीय क्षति होगी। हम चाहते हैं कि रिकार्डिंग के आधार पर दोषियों पर कार्रवाई हो और सही सीमांकन किया जाए।”
रामलखन कुरचानिया, शिकायतकर्ता


