सर्वजन सुखाय सामाजिक संस्था अनूपपुर द्वारा होली पर्व की शुभकामनाएं
अनूपपुर, 05 मार्च। अनूपपुर जिले में सर्वजन सुखाय सामाजिक संस्था द्वारा होली उत्सव का कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिसमें सभी मातृशक्ति में अलाव ने होली के गीत की सुंदर प्रस्तुति देकर बनाया और एक दूसरे को अमीर और गुलाल और फूलों की वर्षा कर देश में शांति, सदभावना, सामाजिक समरसता एवं विकसित और समृद्ध भारत के लिए संकल्प लिया। सभी महिलाएं आज ब्रज में होली रे रसिया होली खेले तो आ जइयो बरसाने जैसे सुंदर होली गीत के माध्यम से रंग रंग कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई गई।
इस अवसर पर सर्वजन सामाजिक सुखाय सामाजिक संस्था की अध्यक्ष पुष्पा पटेल ने सभी को होली की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि होली हमारी भारतीय संस्कृति का महत्वपूर्ण पर्व है, रंगों के पावन पर्व होली के आत्मीय भेंट कर सभी को होली सौहार्दपूर्ण संवाद किया और पर्व की सामाजिक एवं सांस्कृतिक महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि होली हर्षोल्लास, उत्साह और सामाजिक समरसता का प्रतीक पर्व है। यह त्योहार प्रेम, भाईचारे और आपसी सदभाव का संदेश देता है। रंगों का यह पावन उत्सव मन के वैमनस्य को समाप्त कर समाज को एक सूत्र में पिरोने का कार्य करता है। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में होली केवल रंगों का उत्सव नहीं, बल्कि सामाजिक एकता और पारस्परिक विश्वास को सुदृढ़ करने का माध्यम भी है।
पुष्पा पटेल होली उत्सव के माध्यम से ने प्रदेशवासियों एवं पार्टी कार्यकर्ताओं को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि होली हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है, जिसका सनातन परंपरा में विशेष महत्व है। यह पर्व हमें जीवन को सार्थक बनाने, समाज सेवा के प्रति समर्पित रहने और जनकल्याण के कार्यों में सक्रिय भागीदारी निभाने की प्रेरणा देता है। होली समाज में समता, प्रेम और समरसता की भावना का विस्तार करती है तथा सामाजिक बंधनों को और अधिक मजबूत बनाती है। उन्होंने आह्वान किया कि होली का पर्व पारंपरिक उल्लास के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण के संदेश के साथ मनाया चाहिए। पर्यावरण को नुकसान पहुंचाए बिना इको-फ्रेंडली तरीके से होली मनाना हम सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि हम सभी मिलकर प्रेम, सौहार्द और सकारात्मक ऊर्जा के साथ इस उत्सव को मनाएं तथा समाज और प्रदेश के विकास में सक्रिय सहभागिता का संकल्प लें। होली का यह पावन पर्व स्नेह, विश्वास और आत्मीयता के बंधनों को और सुदृढ़ करने का अवसर है। हमारे देश को आपसी सामंजस्य की बहुत आवश्यकता है,एक दिन होली का पर्व मना लेने एवं आपस में गले मिल लेने की अपेक्षा अगर यही भाव हमेशा के लिए बना रहे तभी होली मनाना सार्थक होगा, आज हमारे देश का जो परिवेश बनता चला जा रहा है उस परिवेश में हमें अपने त्योहारों से सीख लेने की आवश्यकता है, होली उमंग उल्लास मस्ती रोमांच और प्रेम के आह्वान का त्यौहार है, होलिका की अग्नि में कलुषित भावनाओं को भस्म कर के प्रेम की ज्योत जलाने और सभी को एक सूत्र में बाँधकर आगे बढ़ाने की भावना का प्रसार करना है, होली का उद्देश्य त्यौहार को मनाने का तरीका भले ही अलग-अलग हो सकता है परंतु इस त्यौहार का संदेश एक ही है कि मानवमात्र में प्रेम और आपसी भाईचारा सदैव बना रहना चाहिए, होली मनाने का अर्थ कि आपसी कटुता शत्रुता आदि को भुलाकर एक दूसरे को रंग अबीर गुलाल से सराबोर करके एक नए रंग भरे जीवन की शुरुआत करे रंगोत्सव पर रंगों से न डरें अपितु रंग बदलने वालों से अवश्य डरें।


