– संभागीय आयुक्त खत्री ने संभाग के कलेक्टरों, जिला पंचायत सीईओ एवं नगरीय निकाय के अधिकारियों को दिए निर्देश
ग्वालियर, 01 मार्च। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस वर्ष रंगों का त्यौहार पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखकर मनाने की अपील की है। उन्होंने होलिका दहन में लकड़ियों के स्थान पर कंडे, कंडे से बनी लकड़ियां एवं गोबर से तैयार किए गए अन्य उत्पादों का ही उपयोग करें। मुख्यमंत्री की मंशा अनुसार ग्वालियर संभाग के सभी जिलों से होलिका दहन में लकड़ी के स्थान पर कंडों का ही उपयोग हो ऐसा माहौल बनाया जाए।
संभागीय आयुक्त मनोज खत्री ने रविवार को गूगल मीट के माध्यम से ग्वालियर संभाग के सभी जिला कलेक्टरों, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों, नगर निगम एवं नगर पालिका के अधिकारियों से चर्चा की और होली के अवसर पर प्रशासन की ओर से सभी एहतियाती प्रबंधन करने की बात भी कही। उन्होंने गूगल मीट से रंगों के त्यौहार होली का त्यौहार ग्वालियर संभाग के सभी जिलों में शांति, हर्षोल्लास और सौहार्दपूर्ण वातावरण में मने, इसके लिए जिला कलेक्टरों से चर्चा की और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मंशा अनुरूप पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखकर सभी उचित प्रबंधन करने की बात कही। उन्होंने कहा कि सभी जिला कलेक्टर अपने-अपने जिलों में जहां-जहां होलिका दहन होता है उन स्थानों को चिन्हित कर स्थानीय समितियों से होलिका दहन में लकड़ी के स्थान पर कंडों एवं गौकाष्ठ का उपयोग करने का आग्रह करें।
उन्होंने समीक्षा के दौरान यह भी कहा कि अपने-अपने जिले में होलिका दहन में जहां-जहां कंडों का इस्तेमाल हुआ है उन्हें जिला स्तरीय कार्यक्रम आयोजित कर सम्मानित करने का कार्य भी किया जाए। इसके लिए जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन एवं नगरीय निकाय के अधिकारी क्षेत्र में निरंतर मॉनीटरिंग कर फोटोग्राफी एवं अन्य सोशल मीडिया प्लेटफार्म से जानकारी एकत्र कर सूचीबद्ध करने का कार्य भी करें। उन्होंने जिला कलेक्टरों से भी कहा है कि वे अपने-अपने जिले में सोशल मीडिया, प्रिंट मीडिया, इलेक्ट्रोनिक मीडिया के माध्यम से होली के अवसर पर अपील जारी कर लोगों को होलिका दहन में लकड़ी के स्थान पर कंडे एवं गौकाष्ठ का उपयोग करने की अपील भी करें। शांति समिति के सदस्यों से भी जिले में नागरिकों को होली का त्यौहार शांति, सदभाव और भाईचारे के साथ मनाने की अपील करने का आग्रह करें। जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारीगण ग्रामीण क्षेत्र में भी इन निर्देशों का पालन सुनिश्चित करें।


