– प्रमुख पेंशनर्स एसोसिएशन ने फिर उठाई आपनी मांगें
भिण्ड, 18 फरवरी। मप्र के पेंशनरों की विभिन्न मांगों को लेकर हमारा यह संगठन पिछले कई वर्षों से ज्ञापन एवं आंदोलन करता आ रहा है। उन्होंने कहा कि पेंशनरों ने अपना पूरा जीवन शासन और समाजसेवा में समर्पित कर दिया है, लेकिन सेवानिवृत्ति की बाद में उन्हें अपने अधिकारों के लिए सड़कों पर उतरना पड़ रहा है, जो कि दुर्भाग्यपूर्ण है। यह बात प्रमुख पेंशनर्स एसोसिएशन मप्र के प्रांतीय महामंत्री मोहन सिंह कुशवाह एवं प्रांतीय संगठन सचिव विजय दैपुरिया ने कही।
उन्होंने कहा कि लगातार बढ़ती महंगाई के दौर में वर्तमान में आवश्यकता को पूरा करने में नाकाफी साबित हो रही है। मप्र के 5.30 लाख से अधिक पेंशनरों को 8 महीने से तीन प्रतिशत महंगाई राहत नहीं दी जा रही है। डीआर के इंतजार में जुलाई 2025 से फरवरी 2026 तक कुल 8 माह से भी अभी तक नहीं दी गई है। केन्द्र सरकार अपने केन्द्रीय कर्मचारियों को 58 प्रतिशत मेहगाई राहत भुगतान कर रही है, किंतु मप्र सरकार के पेंशनर्स अभी तक इंतजार ही कर रहे हैं। इसका असर पेंशनर के परिवार पर भी पड़ रहा है, जो बीमारी का सही इलाज भी नहीं करवा पा रहे हैं।
उन्होंने मांग करते हुए कहा कि मप्र छत्तीसगढ़ पुनर्गठन अधिनियम 2000 की धारा 49, परशिष्ट 6 में सहमति का कोई प्रावधान नहीं है। अधिनियम की धारा प्रभावित हुए करीब 25 वर्ष से अधिक हो चुके हैं, अत: धारा विलोपित की जाए। शासकीय राज्य कर्मचारियों एवं पेंशनरों को के लिए स्वास्थ्य बीमा योजना लागू की जाए। संभागीय एवं जिला पेंशन कार्यालय यथावत रखे जाएं। मप्र के पेंशनर्स को अतिरिक्त पेंशन हिमाचल सरकार के अनुरूप स्वीकृत की जाए। 30 जून एवं 31 दिसंबर को दे वेतन वृद्धि का लाभ पेंशनर को दिया जाए। छठवें में वेतन आयोग का एरियर तथा सातवें वेतन आयोग का पेंडिंग एरियर का भुगतान किया जाए। पेंशनर्स फोरम तथा संभागीय स्वास्थ्य समिति का गठन कर एवं नियमित बैठकों के निर्देश जिला कलेक्टर एवं संभाग आयुक्त को शीघ्र दिए जाएं। संगठन ने मांग की है कि 65 वर्ष की आयु पर 5 प्रतिशत, 70 वर्ष की आयु पर 10 प्रतिशत, 75 वर्ष की आयु पर 15 प्रतिशत एवं 80 वर्ष की आयु पर 20 प्रतिशत अतिरिक्त पेंशन दी जाए।
मांग करने वालों में संगठन के गंगासिंह भदौरिया, राधाकांत शर्मा मीडिया प्रभारी, रमेशबाबू शर्मा, रामदत्त शर्मा, रामबरन सिंह कुशवाह, डॉ. कृष्ण स्वरूप शर्मा, विजेन्द्र सिंह कुशवाह, जयनारायण श्रीवास्तव, आजाद खान, नारायण स्वरुप शर्मा, रमेश अवस्थी, आनंद किशोर दुबे, शेरसिंह कुशवाह, अशरफ, मोहम्मद शरीफ, देवेन्द्र सिंह कुशवाह, शिशुपाल सिंह नरवरिया, जनक सिंह नरवरिया, लाखन सिंह चौहान, अभय सिंह यादव आदि शामिल हैं।

