भिण्ड, 16 फरवरी। मप्र संविदा आउटसोर्स स्वास्थ्य कर्मचारी संघ प्रदेशव्यापी चरणबद्ध आंदोलन के तीसरे चरण में भिण्ड जिले के आउटसोर्स स्वास्थ्य कर्मचारियों की न्यायोचित प्रमुख मांगों को लेकर 16, 17 एवं 18 फरवरी को कार्यस्थल पर काली पट्टी बांधकर शोषण प्रथा की नीति का विरोध किया जा रहा है।
मप्र संविदा आउटसोर्स स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष राममोहन राठौर ने बताया कि 23 एवं 24 फरवरी को प्रदेश विभिन्न शासकीय अस्पतालों में सेवाएं दे रहे आउटसोर्स कर्मचारी सामूहिक अवकाश पर रहेंगे, राजधानी भोपाल की सड़कों पर एकत्रित होकर हल्ला बोल प्रदर्शन कर मुख्यमंत्री से न्याय की गुहार लगाएंगे। संगठन की मांग है कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत सेवाएं दे चुके आउटसोर्स कर्मचारियों को बिना कोई शर्त के विभाग में तृतीय श्रेणी एवं चतुर्थ श्रेणी के रिक्त पदों समायोजन कर नियमित किया जाए अथवा बिना कोई शर्त के संविदा में मर्ज किया जाए। प्रदेश के विभिन्न शासकीय अस्पतालों में निम्न पदों पर सेवाएं दे रहे आउटसोर्स कर्मियों के लिए उत्तर प्रदेश शासन एवं हरियाणा शासन की तर्ज पर ठोस नीति तैयार कर स्थाई समाधान किया जाए। आउटसोर्स कर्मचारी के लिए न्यूनतम 21 हजार रुपए वेतन निर्धारित किया जाए। श्रम विभाग द्वारा एक अप्रैल 2024 से पुनरीक्षित वेतनवृद्धि की गई थी उक्त अनुसार 11 माह के एरियर राशि भुगतान नहीं किया गया विभाग द्वारा स्पष्ट आदेश जारी किए जाएं। समस्त जिलों में निजी आउटसोर्स एजेंसी को ब्लैक लिस्ट किया जाए विभाग द्वारा सीधा खातों में भुगतान किया जाए। रेगुलर कर्मचारियों की तरह शासकीय छुट्टियों की सुविधा दी जाए। आउटसोर्स कर्मचारी को भी नियमित भर्ती में 50 प्रतिशत आरक्षण दिया जाए। आउटसोर्स कर्मचारियों का स्वास्थ्य बीमा कराया जाए। ग्रेज्यूटी का लाभ दिया जाए।
Monday, April 6
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