– केन्द्र सरकार के खिलाफ की नारेबाजी, काले कानून वापस लेने की मांग
भिण्ड, 12 फरवरी। ट्रेड यूनियनों के आह्वान पर आयोजित भारत बंद आंदोलन के तहत आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहायिकाएं और पीएचई कर्मचारियों ने कलेक्ट्रेट गेट पर धरना-प्रदर्शन किया। सीटू और संयुक्त किसान मोर्चा के तत्वावधान में हुए कार्यक्रम में प्रदर्शनकारियों ने केन्द्र सरकार की नीतियों का विरोध करते हुए जमकर नारेबाजी की। बाद में अपर कलेक्टर एलके पाण्डे को ज्ञापन सौंपा गया।
प्रदर्शन की शुरुआत पीएचई कार्यालय से हुई, जहां बड़ी संख्या में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहायिकाएं और पीएचई कर्मचारी एकत्रित हुए। यहां से सभी प्रदर्शनकारी अलग-अलग मार्गों से रैली के रूप में कलेक्ट्रेट गेट पहुंचे। हाथों में सीटू के लाल झंडे लिए प्रदर्शनकारियों ने करीब एक घंटे तक कलेक्ट्रेट गेट पर धरना दिया और केन्द्र सरकार के खिलाफ नारे लगाए। इस दौरान पूरे क्षेत्र में आंदोलन का माहौल बना रहा। प्रदर्शन के दौरान यूनियन पदाधिकारियों ने कहा कि केन्द्र सरकार मजदूरों, किसानों और जमीनी स्तर पर काम करने वाले कर्मचारियों के हितों की लगातार अनदेखी कर रही है। वक्ताओं ने आरोप लगाया कि सरकार की नीतियां जनविरोधी हैं और काले कानूनों के कारण श्रमिक वर्ग पर अतिरिक्त बोझ डाला जा रहा है। उन्होंने इन कानूनों को वापस लेने की मांग दोहराई। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगें जल्द पूरी नहीं की गईं तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। धरने की सूचना मिलने पर अपर कलेक्टर एलके पांडे मौके पर पहुंचे। उन्होंने प्रदर्शनकारियों की समस्याएं सुनीं और उनका ज्ञापन प्राप्त किया। प्रशासन की ओर से मांगों को शासन तक पहुंचाने का आश्वासन दिया गया, जिसके बाद आंदोलन शांतिपूर्ण ढंग से समाप्त हो गया।


