– हर प्रस्फुटन ग्राम बने आदर्श विकास मॉडल : बीसी
भिण्ड, 12 फरवरी। मप्र जन अभियान परिषद विकास खण्ड अटेर अंतर्गत नवांकुर संस्था पावनपथ समाज सेवा जनकल्याण समिति द्वारा सेक्टर क्र.2 (सुरपुरा) के प्रस्फुटन ग्राम उदन्नखेड़ा में एक व्यापक, उद्देश्य परक एवं प्रभावशाली बैठक आयोजित की गई। इस अवसर पर जन अभियान परिषद के जिला समन्वयक डॉ. शिवप्रताप सिंह भदौरिया, विकासखण्ड समन्वयक सोहन सिंह भदौरिया, संस्था प्रमुख अतुलकांत शर्मा, परामर्शदाता अंकित धाकरे एवं आशीष कुमार शर्मा, प्रस्फटन समिति सचिव देवेन्द्र सिंह, सदस्यगण एवं ग्रामवासी उपस्थित रहे।
बैठक का मुख्य उद्देश्य ग्राम स्तर पर पर्यावरणीय चेतना का संवर्धन, सामुदायिक सहभागिता का सुदृढ़ीकरण तथा ‘ग्रामोदय से अभ्युदयÓ की संकल्पना को व्यवहारिक धरातल पर साकार करना रहा। बैठक में उपस्थित अतिथियों ने स्पष्ट किया कि प्रस्फुटन ग्राम केवल योजनाओं के क्रियान्वयन का स्थल नहीं, बल्कि सामाजिक जागरूकता, आत्मनिर्भरता और सतत विकास का सशक्त केन्द्र है। नर्सरी को ग्राम विकास की आधारशिला बताते हुए इसे दीर्घकालिक हरित अभियान का स्थायी माध्यम बनाने पर बल दिया गया।
जिला समन्वयक डॉ. शिवप्रताप सिंह भदौरिया ने अपने उदबोधन में कहा कि नवांकुर संस्थाओं की सक्रियता, प्रतिबद्धता एवं उत्तरदायित्व ही परिषद की मंशा को वास्तविक स्वरूप प्रदान करते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि ग्राम स्तर पर गतिविधियां केवल औपचारिक न रहकर जनसहभागिता आधारित एवं परिणामोन्मुख होनी चाहिए। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रत्येक प्रस्फुटन ग्राम में नियमित बैठक आयोजित की जाए, कार्यों का सुव्यवस्थित अभिलेखीकरण किया जाए तथा सतत अनुश्रवण के माध्यम से प्रगति की समीक्षा सुनिश्चित की जाए। उन्होंने नर्सरी एवं अन्य गतिविधियों को ग्राम के पर्यावरणीय एवं सामाजिक सशक्तिकरण का माध्यम बताते हुए ग्रामवासियों की सक्रिय भागीदारी पर विशेष बल दिया। बैठक उपरांत चिन्हित नर्सरी का विस्तृत निरीक्षण एवं स्थल भ्रमण कर वर्तमान प्रगति, पौधों की स्थिति, संरक्षण व्यवस्था एवं भविष्य की कार्ययोजना का सूक्ष्म अवलोकन किया।
विकासखण्ड समन्वयक सोहन सिंह भदौरिया ने प्रस्फुटन गतिविधियों को और अधिक परिणामोन्मुख बनाने की आवश्यकता प्रतिपादित की तथा नर्सरी को आदर्श मॉडल के रूप में विकसित करने हेतु सामूहिक प्रयासों का आह्वान किया। संस्था प्रमुख अतुलकांत शर्मा ने समिति की भावी कार्ययोजना प्रस्तुत करते हुए बताया कि ग्राम वासियों की सहभागिता से पौध संरक्षण, नियमित सिंचन, जैविक उर्वरकों का उपयोग एवं हरित क्षेत्र के विस्तार की ठोस रणनीति अपनाई जाएगी।
परामर्शदाता अंकित धाकरे एवं आशीष कुमार शर्मा ने पर्यावरण संरक्षण को सामाजिक दायित्व बताते हुए युवाओं की सहभागिता बढ़ाने पर बल दिया। प्रस्फुटन प्रमुख देवेन्द्र सिंह ने ग्रामवासियों को अभियान से सतत रूप से जुड़े रहने एवं नर्सरी को सामूहिक उत्तरदायित्व के रूप में स्वीकार करने का आह्वान किया। अंत में संवादात्मक वातावरण में सुझाव, विचार एवं अनुभव साझा किए गए, जिससे कार्यक्रम और अधिक सार्थक एवं परिणामकारी बना। बैठक का संचालन प्रस्फुटन समिति सचिव देवेन्द्र सिंह एवं आभार प्रदर्शन परामर्शदाता आशीष कुमार शर्मा ने किया।


