– शा. कन्या महाविद्यालय भिण्ड द्वारा मंगदपुरा में एनएसएस शिविर का आयोजन
भिण्ड, 08 फरवरी। ज्ञान का अर्थ केवल किताबी ज्ञान नहीं, ज्ञान वह है जिसमें शिक्षा के साथ संस्कार होना जरूरी है। आज कल देखने में आ रहा है कि व्यक्ति डिग्री हासिंल करके अच्छे पद पर तो पहुंच जाता है किंतु संस्कारों के अभाव में सामने वाले व्यक्ति को तुच्छ समझता है। इसलिए व्यक्ति में शिक्षा के साथ साथ संस्कार का होना भी अतिआवश्यक है। यह विचार राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के पदाधिकारी रामशरण पुरोहित ने शासकीय कन्या महाविद्यालय भिण्ड द्वारा गोद ग्राम मंगदपुरा में आयोजित राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) के सात दिवसीय विशेष शिविर के चौथे दिन मुख्य अतिथि के रूप में व्यक्त किए। इस अवसर पर महाविद्यालय की एनएसएस प्रभारी दीक्षा साहू एवं सुधीर कुमार जोशी भी मंचासीन थे।
मुख्य अतिथि रामशरण पुरोहित ने अपने उद्बोधन में कहा कि हमें पाश्चात्य सभ्यता की बजाय अपनी भारतीय सभ्यता, भाषा, भोजन, भजन अपनाना चाहिए। क्योंकि अपनी सभ्यता में जो भाव है वह पश्चात्य सभ्यता में नहीं। उन्होंने उदाहरण देकर बताया कि पश्चात्य सभ्यता में चाचा, मामा, ताऊ, फूफा आदि को केवल अंकल कहकर ही बुलाया जाता है, जबकि हमारी भारतीय सभ्यता में पिता के छोटे भाई को चाचा, बड़े भाई को ताऊ, बुआ पति को फूफा कहकर संबोधित किया जाता है, जिससे रिश्तों में भाव प्रकट होता है। इसके अलावा उन्होंने भोजन के विषय पर कहा कि हमें अपने देशी भोजन को ही अपनाना चाहिए, जिससे शरीर स्वच्छ, वलिष्ठ होकर मस्तिष्क में अच्छे विचार उत्पन्न होते हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि हमें प्लास्टिक का उपयोग भी कम करना चाहिए तथा उपयोग के पश्चात उसे यहां-वहां न फैंककर उसका निपटान करना है। इसके अलावा अपने घर में तुलसी का पौधा अवश्य लगाना चाहिए। जिससे पॉजिविटी मिलती है, साथ ही अपने किचन गार्डन में सब्जियों एवं फलों का जैबिक उत्पादन करना चाहिए।
अतिथियों का स्वागत सुधीर कुमार जोशी ने पुष्पमाला अर्पित कर किया तथा छात्राओं ने बैज लगाकर उनका अभिनंदन किया। अंत में मुख्य अतिथि को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम अधिकारी प्रो. दीक्षा साहू ने सभी के प्रति आभार व्यक्त किया। शिविर में समाजसेवी एवं पूर्व पार्षद प्रदीप नरवरिया, ग्राम की मातृशक्ति, पत्रकारगण, ग्रामीणजन भी मौजूद थे।
छात्राओं द्वारा निर्मित कला कृतियों को सराहा
राष्ट्रीय सेवा योजना शिविर में भाग ले रहीं छात्राओं ने इस अवसर पर कौशल कला का भी प्रदर्शन किया। जिसमें उन्होंने शिविर में अभी तक हुईं गतिविधियों की कला कृति के अलावा गुलदस्ता, वीणा, पालना, पेंटिंग सहित लगभग एक दर्जन कला कृतियां बनाईं। जिनका अतिथियों ने अवलोकन कर छात्राओं की कला की सराहना की। इसके अलवा छात्राओं भजनों की प्रस्तुतियां भी दीं। प्रतियोगिता में छात्रा प्रज्ञा जैन बीए तृतीय वर्ष एवं सुनिधि दुबे ने शिविर दर्पण का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया। क्राफ्ट मेकिंग प्रतियोगिता में प्रथम स्थान रुकसार बीए तृतीय वर्ष, द्वितीया स्थान अक्षरा बीए तृतीय वर्ष एवं तृतीय स्थान नंदनी पोरवाल बीए प्रथम वर्ष के अलावा मायावती, संजना प्रजापति, खुशी गुप्ता को सांत्वना पुरस्कार मिला।


