भिण्ड, 31 जनवरी.मनीष दुबे। जिले में बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के तहत धरती संस्था बच्चों के अधिकार और संरक्षण को लेकर निरंतर एक वर्ष से जिले में कार्य कर रही है। जिसमें बाल विवाह, बाल मजदूरी, बाल तस्करी आदि विषयों को लेकर गांव-गांव तक पहुंच कर ग्रामीण जनों को जागरूक करने का काम कर रही हैं।
एक्सेस टू जस्टिस फॉर चिल्ड्रन की सहयोगी धरती संस्था 27 जनवरी से जागरूकता रथ को गांव-गांव ग्रामीण जनों के बीच में ले जाकर बाल विवाह अधिनियम 2006 एक्ट की जानकारी, बाल विवाह के दुष्परिणाम, बाल विवाह से होने वाली हानियों को लेकर गांव के लोगों को जागरूक करने का काम कर रही है। जागरूकता रथ के साथ ग्रामीण जन व सेवा प्रदाताओं को भी समझाइश दी जा रही है कि बाल विवाह करना व बाल विवाह में सहयोग करना कानूनी अपराध है। यात्रा विकास खण्ड अटेर के सोई, जवासा, परा, मुरलीपुरा आदि गांव में रथ पहुंचा, जिसमें पंचायत के सरपंच सुरेश खटीक, जवासा सरपंच राधेश्याम यादव, गांव के आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, आशा सुपर वाईजर, जन समुदाय का भरपूर सहयोग मिल रहा है। जागरूकता रथ यात्रा जिले के सभी गांव तक पहुंचेगी। धरती संस्था के डिस्ट्रिक्ट कोऑर्डिनेटर रामवीर सिंह, ब्लॉक कोऑर्डिनेटर विनोद सिंह रथ यात्रा में उपस्थित जन समुदाय से अपील कर रहे हैं कि अपने भिण्ड जिले के साथ-साथ अपने देश को 2030 तक बाल विवाह मुक्त बनाना है।
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